पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस का अलर्ट, दो मेडिकल स्टाफ संक्रमित

बीते कुछ वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि भारत में संक्रामक बीमारियों का प्रसार तेजी से बढ़ा है। फ्लू से लेकर ब्रेन ईटिंग अमीबा तक, पिछले साल कई संक्रमण चर्चा में रहे। जुलाई-अगस्त 2025 में केरल में निपाह वायरस के मामले ने स्वास्थ्य प्रणाली को चुनौती दी थी। अब पश्चिम बंगाल में भी निपाह संक्रमण की पुष्टि होने से स्वास्थ्य विशेषज्ञों में सतर्कता बढ़ गई है।
हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पश्चिम बंगाल में दो संदिग्ध निपाह मामलों की पुष्टि हुई है। दोनों संक्रमित प्राइवेट अस्पताल के मेडिकल स्टाफ हैं, जिनकी उम्र 22 से 25 साल के बीच बताई जा रही है। इस पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने तुरंत एक संयुक्त टीम राज्य में भेजी। यह टीम राज्य सरकार के साथ मिलकर निगरानी, सैंपल जांच, संक्रमण रोकथाम और केस मैनेजमेंट में सहयोग करेगी।
मुख्य सचिव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग शुरू कर दी है और संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आए लोगों की पहचान की जा रही है।
निपाह वायरस क्या है?
निपाह वायरस एक जूनोटिक बीमारी है, जो जानवरों से इंसानों में फैलती है और इससे संक्रमितों में मृत्यु का खतरा अधिक होता है। वायरस मुख्य रूप से चमगादड़ों के माध्यम से फैलता है, लेकिन कुछ मामलों में सुअर, बकरी या घोड़े से भी संक्रमण हो सकता है। संक्रमित जानवर के शरीर के तरल पदार्थ—जैसे रक्त, मल, पेशाब या लार—के संपर्क में आने पर इंसानों में संक्रमण फैल सकता है।
संक्रमण व्यक्ति से व्यक्ति में भी तेजी से फैलता है, जिससे कम समय में अधिक लोग प्रभावित हो सकते हैं। इस वायरस का मृत्यु दर 40-75 प्रतिशत के बीच दर्ज किया गया है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने निपाह वायरस को लेकर पहले जारी दिशानिर्देशों को दोबारा लागू किया है और राज्य सरकारों को अलर्ट रहने के लिए कहा है।
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