पीएम मोदी मलेशिया पहुंचे, एयरपोर्ट पर अनवर इब्राहिम ने किया गर्मजोशी से स्वागत

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मलेशिया के दो दिवसीय दौरे पर 7 और 8 फरवरी को पहुंचे। एयरपोर्ट पर उन्हें मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। मोदी ने मलेशिया पहुंचने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "कुआलालंपुर में लैंड किया। एयरपोर्ट पर मेरे मित्र, प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम द्वारा किए गए स्वागत से बेहद खुश हूं। मैं हमारी बातचीत और भारत-मलेशिया के संबंधों को और मजबूत करने का इंतजार कर रहा हूं।"
कार डिप्लोमेसी और सेल्फी का पल
पीएम मोदी की कार डिप्लोमेसी का एक और दृश्य देखने को मिला। एयरपोर्ट से रवाना होते समय दोनों नेता एक ही कार में बैठे और सेल्फी भी ली। मोदी ने ट्वीट किया, "भारत-मलेशिया के जन-जन संबंधों का जश्न मनाते हुए! प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम और मैं कुआलालंपुर में आयोजित सामुदायिक कार्यक्रम में भाग लेने जा रहे हैं।"

भारतीय समुदाय का उत्साह
मोदी के आगमन से स्थानीय भारतीय समुदाय में भारी उत्साह देखा गया। एक समुदाय सदस्य ने बताया, "हमने हफ्तों तक तैयारी की है। 10 साल पहले भी पीएम मोदी यहां आए थे, तब भी हम उतने ही उत्साहित थे।"
एक महिला ने कहा, "मलेशिया में रहने वाले भारत के विभिन्न राज्यों के लोग मिलकर ‘एकता में अनेकता’ का प्रदर्शन करेंगे। लगभग 800 लोग पीएम मोदी के स्वागत में नृत्य करेंगे।"
क्लासिकल और लोकनृत्य का स्वागत
भारत क्लब की एक सदस्य ने साझा किया, "हमने स्वागत के लिए क्लासिकल और लोकनृत्य की तैयारी की है। हमारा उद्देश्य है कि पीएम मोदी को अपनी संस्कृति और कला के माध्यम से सम्मानित करें।"
एक अन्य सदस्य ने कहा, "मैं पिछले 10 साल से यहां हूं। भारत में पीएम मोदी से मिलने का मौका नहीं मिला, लेकिन मलेशिया में उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलना हमारे लिए बहुत सौभाग्य की बात है। वह पूरी दुनिया में प्रेरणा दे रहे हैं।"

प्रधानमंत्री से मिलने की उम्मीद और जोश
एक अन्य सदस्य ने बताया, "मैं पिछले सात सालों से मलेशिया में काम कर रहा हूं। पीएम मोदी से मिलना हमारे लिए रोमांचक अवसर है। यहां लगभग 10,000–12,000 लोग जमा हुए हैं। हम उनके साथ फोटो लेने और आशीर्वाद पाने का इंतजार कर रहे हैं।"
इस दौरे में भारतीय समुदाय ने अपने सांस्कृतिक प्रदर्शन और उत्साह से यह संदेश दिया कि वे भारत और उसकी संस्कृति से जुड़े हुए हैं और विदेशों में भी इसकी पहचान को गर्व से बनाए रखते हैं।
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