पुतिन ने ईरान संकट सुलझाने की शुरू की सक्रिय पहल, नेतन्याहू और ईरान से की बातचीत

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को देखते हुए रूस ने कूटनीतिक पहल तेज कर दी है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सबसे पहले इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की और इसके बाद ईरान के राष्ट्रपति से भी संपर्क किया। क्रेमलिन ने बताया कि पुतिन का उद्देश्य क्षेत्र में तनाव कम करना और स्थिरता सुनिश्चित करना है।
क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि पुतिन मध्य पूर्व में शांति स्थापित करने और सैन्य टकराव से बचने के लिए सक्रिय प्रयास जारी रखेंगे। नेतन्याहू से हुई बातचीत में पुतिन ने रूस की मध्यस्थता की पेशकश करते हुए कहा कि राजनीतिक और कूटनीतिक समाधान ही क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित कर सकता है।
नेतन्याहू से बातचीत में मुख्य बिंदु:
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रूस ने कूटनीतिक माध्यम से समाधान खोजने की पेशकश की।
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सैन्य टकराव से बचने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
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क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा को प्राथमिकता बताया गया।
ईरान के राष्ट्रपति से संपर्क का महत्व:
पुतिन का ईरान के राष्ट्रपति से संवाद इस बात का संकेत है कि रूस दोनों पक्षों के साथ सीधे संपर्क बनाए हुए है। इसका मकसद संभावित गलतफहमियों को दूर करना और तनाव की संभावना को घटाना है। रूस का मानना है कि सभी पक्षों को बातचीत की मेज पर लाना ही क्षेत्रीय स्थिरता की कुंजी है।
इस पहल से साफ संदेश जाता है कि रूस राजनीतिक और कूटनीतिक रास्तों को ही प्राथमिकता देता है और किसी भी सैन्य टकराव से बचने के लिए सक्रिय प्रयास कर रहा है।
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