ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर पीने के पानी की गुणवत्ता को लेकर सीएजी की रिपोर्ट में सामने आई कमियों के बाद रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। रेलवे ने रविवार को इस पूरे मामले की समीक्षा की और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
रेलवे के अनुसार, देशभर में करीब 20 हजार स्थानों पर नया ‘टैंक टू टैप’ जल फिल्ट्रेशन सिस्टम लगाया जाएगा। इनमें वाटर कूलर भी शामिल हैं। इन स्थानों पर पानी की गुणवत्ता की निगरानी भी की जाएगी। इसके साथ ही रेलवे ने पुरानी पानी की टंकियों को बदलने का फैसला किया है। स्टोरेज टंकियों की समय पर सफाई और रखरखाव भी सुनिश्चित किया जाएगा।
पानी की नियमित जांच के निर्देश
पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए स्रोत और आउटलेट, दोनों जगह नियमित रूप से पानी की जांच की जाएगी। इसकी निगरानी के लिए एक केंद्रीकृत सिस्टम तैयार किया जाएगा, जिसमें अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय होगी।
रेलवे बोर्ड पूरी व्यवस्था की सीधे निगरानी करेगा और अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। रेलवे के मुताबिक, यह कदम सीएजी रिपोर्ट में सामने आई कमियों को दूर करने के लिए शुरू किए गए बड़े अभियान का हिस्सा है। इसका उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के साथ उनके यात्रा अनुभव को बेहतर बनाना है।
सीएजी रिपोर्ट में सामने आई थीं कमियां
सीएजी की हालिया रिपोर्ट में रेलवे की पेयजल व्यवस्था से जुड़ी कई कमियां सामने आई थीं। ऑडिट के दौरान 49 में से 8 स्टेशनों के पानी के नमूनों में ई-कोलाई बैक्टीरिया पाया गया था।
रिपोर्ट में पानी की नियमित जांच नहीं होने, क्लोरीन की मात्रा की निगरानी में कमी और निर्धारित मानकों के अनुसार पानी की गुणवत्ता की जांच नहीं किए जाने पर सवाल उठाए गए थे।
इसके बाद रेलवे ने सुधार के लिए यह कदम उठाया है। करीब 20 हजार स्थानों, जिनमें वाटर कूलर भी शामिल हैं, पर ‘टैंक टू टैप’ फिल्ट्रेशन और निगरानी सिस्टम लगाया जाएगा। इसके अलावा पुरानी पानी की टंकियों को भी बदला जाएगा और स्रोत तथा आउटलेट दोनों जगह पानी की नियमित जांच की जाएगी।
Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.