राहुल गांधी को मानहानि मामले में राहत, सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत की कार्यवाही रोकी

HIGHLIGHTS
- सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ निचली अदालत की आगे की कार्यवाही पर रोक लगाई।
- महाराष्ट्र सरकार और शिकायतकर्ता महेश श्रीश्रीमल से चार सप्ताह में जवाब मांगा गया।
- मामला सितंबर 2018 में राजस्थान में की गई टिप्पणी से जुड़ा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ महाराष्ट्र की निचली अदालत में चल रही आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी है। शीर्ष अदालत ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले की समीक्षा करने पर भी सहमति जताई है, जिसमें राहुल गांधी को 2019 में जारी समन रद्द करने से इनकार किया गया था।
मंगलवार को जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने महाराष्ट्र सरकार और शिकायतकर्ता महेश श्रीश्रीमल को नोटिस जारी किया। अदालत ने दोनों से चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। यह आदेश राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने समन रद्द करने से किया था इनकार
राहुल गांधी ने बॉम्बे हाईकोर्ट के 8 सितंबर 2026 के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने 2019 में जारी समन को रद्द करने की उनकी मांग खारिज कर दी थी।
मुंबई की गिरगांव मजिस्ट्रेट अदालत ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए 28 अगस्त 2019 को यह समन जारी किया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने मजिस्ट्रेट अदालत को शिकायत पर सुनवाई छह सप्ताह तक टालने के अपने 2021 के आदेश को जारी रखने के लिए कहा था, ताकि राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकें।
राहुल गांधी के खिलाफ क्या है शिकायत?
शिकायतकर्ता महेश श्रीश्रीमल ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने 20 सितंबर 2018 को राजस्थान में एक सार्वजनिक सभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ टिप्पणी की थी। शिकायत में दावा किया गया कि इन बयानों से प्रधानमंत्री के साथ-साथ भाजपा के सदस्यों और उनसे जुड़े लोगों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।
श्रीश्रीमल ने हाईकोर्ट में दलील दी थी कि वह भाजपा के सदस्य हैं और अपने नेता के खिलाफ की गई टिप्पणी से आहत हुए हैं।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के लिए क्या कहा था?
सितंबर 2018 में राजस्थान में आयोजित एक रैली के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा था, 'हिंदुस्तान का चौकीदार चोर है।'
राफेल सौदे को लेकर राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री के लिए 'कमांडर-इन-थीफ' यानी चोरों का सरदार जैसे शब्दों का भी इस्तेमाल किया था।
राहुल गांधी के वकील ने क्या दलील दी?
राहुल गांधी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि इस मामले में कानून पहले से स्पष्ट है।
सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है। अदालत ने महाराष्ट्र सरकार और शिकायतकर्ता से जवाब मांगा है तथा अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद करने का निर्देश दिया है। तब तक निचली अदालत में मामले की आगे की कार्यवाही पर रोक रहेगी।
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