जनवरी में 2.75% रही खुदरा महंगाई दर, अब 2024 के आधार पर होगी गणना

नई दिल्ली: नए साल की शुरुआत आम जनता के लिए राहत भरी रही। जनवरी 2026 में खुदरा महंगाई दर 2.75% रही। इस बार के आंकड़े इसलिए खास हैं क्योंकि सरकार ने महंगाई मापने का तरीका यानी बेस ईयर बदल दिया है। अब पुराने 2012 के बजाय 2024 को आधार मानकर उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) जारी किया गया है।
महंगाई की गणना अब नए पैमाने पर
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने CPI में बड़ा बदलाव किया है। सरकार का कहना है कि पिछले दशक में लोगों की खर्च करने की आदतें पूरी तरह बदल गई हैं, इसलिए पुराने पैमाने को अपडेट करना जरूरी था। नए इंडेक्स का ढांचा ‘घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण 2023-24’ पर आधारित है।
महंगाई की टोकरी में बदलाव
महंगाई मापने के लिए जिन वस्तुओं को शामिल किया जाता है, उनमें बड़े बदलाव किए गए हैं।
बाहर हुई वस्तुएँ:
वीसीआर, वीसीडी/डीवीडी प्लेयर, रेडियो, टेप रिकॉर्डर
पुराने कपड़े और कैसेट्स
ये वस्तुएँ अब आम इस्तेमाल में नहीं हैं।
नए शामिल आइटम:
डिजिटल और ऑनलाइन मीडिया/ओटीटी प्लेटफॉर्म
पेन ड्राइव, एक्सटर्नल हार्ड डिस्क
बेबीसिटर (आया), एक्सरसाइज इक्विपमेंट
ग्रामीण आवास से जुड़ी चीजें
ये बदलाव आधुनिक जीवनशैली और डिजिटल दुनिया को दर्शाते हैं।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की महंगाई
नए आंकड़ों के अनुसार महंगाई नियंत्रण में नजर आ रही है:
कुल महंगाई: 2.75%
ग्रामीण महंगाई: 2.73%
शहरी महंगाई: 2.77%
खाद्य महंगाई: 2.13%
आवास से जुड़ी महंगाई: 2.05%
बेस ईयर बदलने का असर
महंगाई के आंकड़ों में सिर्फ तकनीकी बदलाव नहीं हुआ है। अलग-अलग कैटेगरी के वेटेज (महत्व) को भी संशोधित किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि नए बेस ईयर 2024 से नीति निर्माताओं और RBI को अधिक सटीक डेटा मिलेगा, जिससे भविष्य में आर्थिक फैसले लेने में आसानी होगी।
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