अवैध टैरिफ की वापसी: विश्वभर के देशों को अमेरिकी सरकार लौटाएगी 166 अरब डॉलर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लागू किए गए वैश्विक टैरिफ को वापस करने की प्रक्रिया अमेरिकी सीमा शुल्क एजेंसी ने शुरू कर दी है। यह कदम अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा पिछले महीने ट्रंप की यह नीति असंवैधानिक करार दिए जाने के बाद उठाया गया है। कोर्ट के निर्णय से भारत सहित कई देशों को राहत मिलेगी।
सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा विभाग के अधिकारी ब्रैंडन लार्ड ने शुक्रवार को बताया कि टैरिफ रिफंड के लिए 45 दिनों के भीतर एक कार्यप्रणाली तैयार की जाएगी। इस प्रणाली के जरिए लगभग 330,000 आयातकों को 166 अरब डॉलर के भुगतान वापस किए जाएंगे। अधिकारी ने कहा कि नई प्रक्रिया में आयातकों से न्यूनतम जानकारी मांगी जाएगी।
इस पहल से आयातकों को कोर्ट में मुकदमा दायर करने की आवश्यकता नहीं होगी। प्रत्येक आयातक को उनके भुगतान के विवरण की पुष्टि के बाद ब्याज सहित राशि का एकमुश्त भुगतान मिलेगा, चाहे उन्होंने कितनी भी अलग-अलग माल की प्रविष्टियां की हों।
हालांकि, अधिकारियों के अनुसार अब तक बहुत कम आयातकों ने सीबीपी की इलेक्ट्रॉनिक रिफंड प्रणाली में पंजीकरण कराया है। 330,000 से अधिक आयातकों में से केवल 21,423 ने छह फरवरी से लागू इस प्रणाली के लिए पंजीकरण कराया था।
सीमा शुल्क एजेंसी ने आयातकों से आग्रह किया है कि वे जल्दी से जल्दी रिफंड प्रक्रिया के लिए अपनी जानकारी जमा कराएं, ताकि उनका भुगतान जल्द से जल्द वापस किया जा सके।
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