RITES की वैश्विक छलांग: दक्षिण अफ्रीका से मिला ₹318 करोड़ का ऑर्डर

भारतीय रेलवे की प्रमुख इंजीनियरिंग और कंसल्टेंसी कंपनी, राइट्स लिमिटेड (RITES Ltd) ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक और बड़ी सफलता दर्ज की है। कंपनी को दक्षिण अफ्रीका से डीजल-इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव्स की सप्लाई के लिए लगभग 318 करोड़ रुपये (35.2 मिलियन डॉलर) का ऑर्डर मिला है। इस खबर के सामने आते ही मंगलवार को शेयर बाजार में कंपनी के शेयर तेजी से बढ़े।
‘मेक इन इंडिया’ का अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन
रेल मंत्रालय के अधीन आने वाली नवरत्न पीएसयू राइट्स लिमिटेड ट्रांसपोर्ट कंसल्टेंसी और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में भारत की अग्रणी संस्था है। यह कंपनी रेलवे, हाइवे, एयरपोर्ट और अर्बन इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स में देश और विदेश दोनों में सक्रिय है। विशेषज्ञों के अनुसार दक्षिण अफ्रीका का यह ऑर्डर न केवल कंपनी के लिए आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह ‘मेक इन इंडिया’ और भारतीय रेलवे तकनीक की वैश्विक स्वीकार्यता का भी प्रतीक है।
ऑर्डर का विवरण और समयसीमा
कंपनी ने बीएसई को दी गई फाइलिंग में बताया कि दक्षिण अफ्रीकी फर्म Ndalama Capital (Pty) Ltd से उन्हें ‘लेटर ऑफ अवार्ड’ (LoA) मिला है। इस ऑर्डर की कुल वैल्यू 35.2 मिलियन डॉलर (लगभग 318 करोड़ रुपये) है। इसके तहत राइट्स को इन-सर्विस डीजल-इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव्स की सप्लाई और कमिशनिंग करनी होगी। परियोजना अगले 18 महीनों के भीतर पूरी की जाएगी। कंपनी ने कहा कि यह ऑर्डर रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर और द्विपक्षीय रेल सहयोग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
शेयर बाजार में उत्साह
इस खबर के बाद बीएसई और एनएसई पर राइट्स के शेयरों में तेजी देखी गई। मंगलवार को दोपहर में शेयर 246.62 रुपये पर कारोबार करते हुए 6.03% बढ़ गए। विश्लेषकों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर बुक मजबूत होने से कंपनी के भविष्य के राजस्व पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
अफ्रीका में राइट्स की बढ़ती सक्रियता
दक्षिण अफ्रीका का यह ऑर्डर राइट्स की अफ्रीका महाद्वीप में बढ़ती उपस्थिति को दर्शाता है। हाल ही में कंपनी ने बोत्सवाना के साथ रेलवे और ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के आधुनिकीकरण के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए थे। मोजाम्बिक और अब दक्षिण अफ्रीका में सफलता यह संकेत देती है कि भारतीय रेलवे तकनीक को वैश्विक स्तर पर पहले से अधिक मान्यता मिल रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि दक्षिण अफ्रीका का यह ऑर्डर राइट्स की ग्लोबल ऑर्डर बुक को मजबूत करेगा और भारतीय पीएसयू की क्षमता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उजागर करेगा। निवेशकों की निगाह अब इस प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन और आने वाले अन्य अंतरराष्ट्रीय करारों पर टिकी होगी।
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