वैश्विक कमजोरी का असर, सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में खुले; रुपया भी फिसला

वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बीच सोमवार को शेयर बाजार की शुरुआत दबाव में रही। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान में फिसल गए। जानकारों का कहना है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर बनी अनिश्चितता और विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी से निवेशकों की धारणा कमजोर हुई है।
कारोबार शुरू होते ही बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 384.39 अंकों की गिरावट के साथ 84,883.27 पर आ गया। वहीं एनएसई निफ्टी 122.90 अंक टूटकर 25,924.05 के स्तर पर पहुंच गया।
रिकॉर्ड निचले स्तर पर रुपया
इसी बीच डॉलर के मुकाबले रुपये पर भी दबाव बना रहा। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर असमंजस और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के चलते रुपया शुरुआती कारोबार में 9 पैसे कमजोर होकर 90.58 के सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गया।
सेंसेक्स शेयरों का हाल
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में महिंद्रा एंड महिंद्रा, भारती एयरटेल, ट्रेंट, एनटीपीसी, बजाज फिनसर्व और पावर ग्रिड में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। इसके उलट एशियन पेंट्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर, अल्ट्राटेक सीमेंट, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और टाटा स्टील के शेयरों में हल्की मजबूती दर्ज की गई।
एशियाई बाजारों में भी कमजोरी
एशियाई बाजारों में भी गिरावट का माहौल रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई-225, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक नुकसान में कारोबार करते दिखे। अमेरिकी बाजार भी शुक्रवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।
चीन में नवंबर महीने के निवेश आंकड़ों में गिरावट सामने आने से एशियाई बाजारों पर अतिरिक्त दबाव बना। इसे दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में कमजोर मांग का संकेत माना जा रहा है। टोक्यो का निक्केई-225 करीब 1.5 प्रतिशत टूटकर 50,092.10 पर आ गया, क्योंकि निवेशक इस सप्ताह बैंक ऑफ जापान की संभावित ब्याज दर वृद्धि को लेकर सतर्क हैं।
निवेशकों की नजर वैश्विक आंकड़ों पर
विशेषज्ञों के अनुसार, चीन और अमेरिका से आने वाले प्रमुख आर्थिक आंकड़ों से पहले निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं। अमेरिकी शेयर बाजार में हालिया कमजोरी और नैस्डैक फ्यूचर्स में दबाव ने भी सतर्कता बढ़ा दी है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार का कहना है कि बाजार पर सबसे बड़ा दबाव भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर जारी अनिश्चितता का है, जिसका असर निर्यात, व्यापार घाटे और रुपये की चाल पर पड़ रहा है।
कच्चा तेल और निवेश प्रवाह
इस बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 0.52 प्रतिशत की बढ़त के साथ 61.43 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 1,114.22 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 3,868.94 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी।
उल्लेखनीय है कि पिछले कारोबारी दिन शुक्रवार को सेंसेक्स 449.53 अंक की तेजी के साथ 85,267.66 पर और निफ्टी 148.40 अंक चढ़कर 26,046.95 पर बंद हुआ था।
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