अंतरराष्ट्रीय बाजार में झटका, एमसीएक्स पर सोना-चांदी ने बनाए नए रिकॉर्ड

अंतरराष्ट्रीय बाजार में मुनाफावसूली के दबाव से सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली है। रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद चांदी में 7 प्रतिशत से ज्यादा की टूट आई, जबकि सोना भी कमजोरी के साथ कारोबार करता दिखा।
कॉमेक्स पर सोने का भाव 1.16 प्रतिशत गिरकर 5,023.60 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। हालांकि गिरावट के बावजूद सोना अभी भी 5,000 डॉलर के अहम स्तर के ऊपर बना हुआ है। वहीं, चांदी 6.41 प्रतिशत फिसलकर 108.095 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। इससे पहले यह 117.71 डॉलर प्रति औंस के ऑल-टाइम हाई पर पहुंची थी, लेकिन इसके बाद भारी बिकवाली शुरू हो गई।
एमसीएक्स पर दोनों धातुओं में तेजी
घरेलू वायदा बाजार एमसीएक्स पर हालांकि सोना और चांदी मजबूत रुख के साथ खुले और नए रिकॉर्ड बनाए।
सोना 1.68 प्रतिशत की तेजी के साथ ₹1,58,674 प्रति 10 ग्राम पर खुला, जबकि पिछले सत्र में यह ₹1,56,037 पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान सोना ₹1,59,820 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया।
चांदी 1.53 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹3,39,824 प्रति किलो पर खुली। बाद में यह ₹22,010 यानी 6.58 प्रतिशत उछलकर ₹3,56,709 प्रति किलो तक पहुंच गई। दिन में चांदी ने ₹3,59,800 प्रति किलो का अब तक का सर्वोच्च स्तर भी छू लिया।
देश में सोने-चांदी के ताजा दाम
देशभर में सर्राफा बाजार में भी तेजी बनी रही।
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24 कैरेट सोना: ₹1,61,960 प्रति 10 ग्राम
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चांदी (1 किलो): ₹3,60,100
दिल्ली
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24 कैरेट: ₹1,62,110
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22 कैरेट: ₹1,48,610
मुंबई
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22 कैरेट: ₹1,48,460
पटना
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18 कैरेट: ₹1,21,520
दिल्ली, मुंबई और पटना में चांदी का भाव भी ₹3,60,100 प्रति किलो रहा।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस साल अब तक सोने में करीब 17 प्रतिशत की तेजी आ चुकी है। इसकी प्रमुख वजहें हैं—कमजोर अमेरिकी डॉलर, बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और निवेशकों का बॉन्ड व करेंसी से दूरी बनाना।
इस प्रवृत्ति को बाजार की भाषा में “डिबेसमेंट ट्रेड” कहा जाता है। इसका मतलब है कि जब निवेशकों को मुद्रा की क्रय शक्ति घटने का डर होता है, तो वे सोना-चांदी जैसी वास्तविक संपत्तियों की ओर रुख करते हैं।
आगे क्या रहेगा रुझान?
विश्लेषकों का मानना है कि अगर वैश्विक अस्थिरता, डॉलर में कमजोरी और अंतरराष्ट्रीय तनाव बने रहते हैं, तो सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी मजबूती देखी जा सकती है। हालांकि बीच-बीच में मुनाफावसूली के कारण हल्की गिरावट भी संभव है।
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