चांदी ने रचा इतिहास: कीमत 2.56 लाख रुपये प्रति किलो के पार, सोने में नरमी

वैश्विक स्तर पर चल रही भू-राजनीतिक उथल-पुथल और सप्लाई चेन में आए बदलावों का असर अब घरेलू सर्राफा बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। बुधवार को चांदी की कीमतों ने रिकॉर्ड तोड़ते हुए नया इतिहास रच दिया। दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी 5,000 रुपये की एकमुश्त तेजी के साथ 2,56,000 रुपये प्रति किलोग्राम के अब तक के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गई।
सर्राफा कारोबारियों के अनुसार, हाल के महीनों में निवेशकों का रुझान सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़ा है, वहीं औद्योगिक मांग भी मजबूत बनी हुई है। इसी वजह से चांदी की कीमतों में लगातार उछाल देखने को मिल रहा है। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, इससे पहले मंगलवार को चांदी 2,51,000 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी।
क्यों तेज हुई चांदी की चमक?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दो बड़े कारण इस तेजी को हवा दे रहे हैं। पहला, अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ते राजनीतिक और सैन्य तनाव ने निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ा दी है, जिससे सुरक्षित निवेश की मांग तेज हुई है। वेनेजुएला में तेल संसाधनों को लेकर हालिया घटनाक्रम ने वैश्विक बाजारों को सतर्क कर दिया है।
दूसरा अहम कारण चीन से जुड़ा है। एक जानकार के अनुसार, 1 जनवरी से चीन द्वारा चांदी के निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंध प्रभावी हो गए हैं। चूंकि चीन दुनिया के प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं में शामिल है, इसलिए उसकी ओर से सप्लाई सीमित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों पर दबाव बढ़ा है और औद्योगिक खरीदारों ने अग्रिम खरीद शुरू कर दी है।
सोने की कीमतों में हल्की नरमी
जहां चांदी में जबरदस्त तेजी बनी रही, वहीं सोने की कीमतों में बुधवार को हल्की गिरावट दर्ज की गई। 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना 100 रुपये फिसलकर 1,41,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इससे पहले यह 1,41,500 रुपये पर बंद हुआ था।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ कमोडिटी विश्लेषक सौमिल गांधी ने बताया कि हालिया तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी, जिससे सोने की कीमतों पर दबाव आया। उन्होंने यह भी कहा कि डॉलर में मजबूती के संकेतों ने सोने की चाल को सीमित किया है, हालांकि वैश्विक तनाव के चलते बड़ी गिरावट की आशंका फिलहाल कम है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी उतार-चढ़ाव
विदेशी सर्राफा बाजारों में भी अस्थिरता देखने को मिली। हाजिर सोना 1.01 फीसदी टूटकर 4,449.87 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं चांदी ने अंतरराष्ट्रीय सत्र के दौरान पहले 82.75 डॉलर प्रति औंस का इंट्रा-डे उच्च स्तर छुआ, लेकिन बाद में मुनाफावसूली के चलते यह 3.15 फीसदी गिरकर 78.69 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती नजर आई।
बाजार जानकारों का मानना है कि मौजूदा ऊंचे स्तरों पर कुछ समय के लिए मुनाफावसूली संभव है, लेकिन लंबी अवधि का रुझान अभी भी सकारात्मक बना हुआ है। ऑगमोंट की हेड ऑफ रिसर्च रिनिशा चैनानी के अनुसार, अगली मजबूती के दौर में चांदी 84 डॉलर (करीब 2,66,000 रुपये प्रति किलो) और उसके बाद 88.5 डॉलर (लगभग 2,80,000 रुपये प्रति किलो) के स्तर तक पहुंच सकती है।
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