बजट के दिन शेयर बाजार का मिजाज: पांच साल में कब आई तेजी, कब लगा झटका

वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट 1 फरवरी 2026 को पेश किया जाएगा। इसका सबसे अधिक इंतजार शेयर बाजार के निवेशकों को है, क्योंकि बजट के दिन आमतौर पर सेंसेक्स और निफ्टी में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। बीते कुछ वर्षों का रिकॉर्ड बताता है कि हर बजट बाजार के लिए एक जैसा नहीं रहा—कभी निवेशकों को बड़ा फायदा मिला तो कभी भारी झटका। इस बार भी बाजार सरकार की नीतियों और घोषणाओं पर पैनी नजर लगाए बैठा है।
बजट 2025: शुरुआत अच्छी, लेकिन अंत में सुस्ती
1 फरवरी 2025 को पेश बजट के दिन बाजार ने मजबूत शुरुआत की थी, लेकिन कारोबार के अंत तक तेजी कमजोर पड़ गई। सेंसेक्स मामूली बढ़त के साथ 77,505.96 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 26.25 अंक फिसलकर 23,482.15 पर आ गया। वैश्विक बाजारों की चिंता और बजट की कुछ घोषणाओं का असर बाजार पर दिखाई दिया।
बजट 2024: कैपिटल गेन टैक्स से बाजार में दबाव
2024 के बजट में कैपिटल गेन टैक्स से जुड़े बदलावों ने निवेशकों को सतर्क कर दिया था। शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन टैक्स कुछ वित्तीय एसेट्स पर बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया गया, जबकि लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन की छूट सीमा बढ़ाई गई लेकिन कर दर भी बढ़ा दी गई। इन फैसलों से बाजार में भारी उतार-चढ़ाव आया। एक समय सेंसेक्स करीब 1200 अंक और निफ्टी 400 अंक से ज्यादा टूट गया था। बाद में रिकवरी जरूर हुई, लेकिन अंत में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में बंद हुए।
बजट 2023: शुरुआती जोश, बाद में नरमी
2023 में बजट भाषण के दौरान बाजार ने जोरदार शुरुआत की थी। सेंसेक्स एक समय 60,000 के पार निकल गया था, लेकिन दिन चढ़ने के साथ तेजी टिक नहीं पाई। अंत में सेंसेक्स हल्की बढ़त में और निफ्टी मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ।
बजट 2022: मजबूत आर्थिक संकेतों से बाजार में तेजी
2022 के बजट ने अगले 25 वर्षों की आर्थिक दिशा तय करने की कोशिश की थी। इंफ्रास्ट्रक्चर और सार्वजनिक पूंजीगत खर्च में बड़ी बढ़ोतरी ने निवेशकों को उत्साहित किया। उसी दिन सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में जोरदार तेजी देखने को मिली।
बजट 2021: ऐतिहासिक उछाल
कोविड काल के बीच पेश किए गए डिजिटल बजट 2021 में स्वास्थ्य और आत्मनिर्भर भारत पर खास जोर दिया गया। पीएलआई योजनाओं और हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े खर्च ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। इसका असर यह रहा कि सेंसेक्स करीब 5 प्रतिशत उछल गया और निफ्टी में भी बड़ी तेजी आई।
बजट 2026 से बाजार को क्या उम्मीदें?
वेंचुरा के हेड ऑफ रिसर्च विनीत बोलिंजकर के अनुसार, बाजार को उम्मीद है कि बजट 2026 विकास पर केंद्रित होगा। इंफ्रास्ट्रक्चर पर पूंजीगत खर्च बढ़ाकर करीब 12 लाख करोड़ रुपये करने, मध्यम वर्ग को टैक्स में राहत देने और पब्लिक सेक्टर में लैंड मोनेटाइजेशन को गति देने जैसे कदम बाजार के लिए सकारात्मक रह सकते हैं। मैन्युफैक्चरिंग, रिन्यूएबल एनर्जी और इलेक्ट्रिक वाहन सेक्टर में पीएलआई योजनाओं के विस्तार की भी उम्मीद की जा रही है।
चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग के सचिन गुप्ता का कहना है कि भारतीय बाजार की तकनीकी स्थिति फिलहाल मजबूत बनी हुई है। बेंचमार्क इंडेक्स लंबे समय के सपोर्ट लेवल के ऊपर टिके हुए हैं, जो निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है। उनके अनुसार, बजट अगर इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन एनर्जी और खपत आधारित क्षेत्रों पर जोर देता है, तो इससे बैंकिंग, आईटी, फार्मा और ऑटो जैसे सेक्टरों को भी मजबूती मिल सकती है।
मार्केट एक्सपर्ट रंजीत झा के मुताबिक, सरकार का सार्वजनिक पूंजीगत खर्च पूरे आर्थिक चक्र की दिशा तय करता है। जब सरकार निवेश बढ़ाती है तो निजी क्षेत्र का भरोसा भी मजबूत होता है। इसका असर सीमेंट, स्टील, कैपिटल गुड्स और कंस्ट्रक्शन जैसे सेक्टरों में तेजी के रूप में दिख सकता है।
कुल मिलाकर, निवेशकों को उम्मीद है कि बजट 2026 विकास को रफ्तार देने के साथ बाजार को स्थिर और टिकाऊ मजबूती प्रदान करेगा।
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