ग्लोबल संकेतों के बीच शेयर बाजार में सुस्ती, रुपया भी कमजोर

तीन दिनों की लगातार तेजी के बाद बुधवार को घरेलू शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में आईटी सेक्टर में भारी बिकवाली के चलते प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दबाव में आ गए।
सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 494.12 अंक टूटकर 78,779.21 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 142.2 अंक गिरकर 24,434.40 पर आ गया।
रुपये पर भी दबाव, लगातार तीसरे दिन कमजोरी
वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच भारतीय रुपया भी कमजोर हुआ। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 31 पैसे गिरकर 93.75 पर पहुंच गया, जो लगातार तीसरे सत्र की कमजोरी को दर्शाता है।
पश्चिम एशिया में शांति समझौते को लेकर बनी अनिश्चितता और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने मुद्रा बाजार पर अतिरिक्त दबाव बनाया।
सेंसेक्स की कंपनियों में मिला-जुला रुख
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी एचसीएल टेक सबसे ज्यादा नुकसान में रही। मार्च तिमाही के बेहतर नतीजों के बावजूद कंपनी का शेयर लगभग 9% तक टूट गया।
हालांकि कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 की मार्च तिमाही में 4.20% की सालाना वृद्धि के साथ 4,488 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया है, लेकिन भविष्य की मांग को लेकर दिए गए सतर्क संकेतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 के लिए केवल 1 से 4 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान जताया है।
टेक महिंद्रा, इंफोसिस, टीसीएस, आईसीआईसीआई बैंक और एशियन पेंट्स जैसे बड़े शेयर भी दबाव में रहे।
वहीं एनटीपीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, ट्रेंट और टाटा स्टील जैसे शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार
एशियाई शेयर बाजारों में भी रुझान मिश्रित रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स गिरावट में रहे, जबकि जापान का निक्केई 225 और चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।
उधर अमेरिकी बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुए, जिसका असर वैश्विक धारणा पर भी पड़ा।
कच्चा तेल फिर चढ़ा, ब्रेंट क्रूड 98 डॉलर के करीब
वैश्विक कच्चे तेल के बाजार में भी हलचल देखी गई। ब्रेंट क्रूड वायदा 0.28% की गिरावट के साथ 98.20 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
विश्लेषकों के मुताबिक पश्चिम एशिया में तनाव और अमेरिका की ईरान नीति को लेकर अनिश्चितता ने तेल की कीमतों को ऊंचा बनाए रखा है।
ट्रंप का बयान और बढ़ा तनाव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान को लेकर दिए गए बयान ने भी बाजार की चिंता बढ़ाई। उन्होंने संकेत दिया कि अगर समझौता नहीं होता है तो सैन्य कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इस बयान के बाद वैश्विक स्तर पर जोखिम बढ़ने की आशंका और मजबूत हो गई।
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