वैश्विक संकेतों से शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 1800 अंक चढ़ा

भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को मजबूत शुरुआत दर्ज की। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और पश्चिम एशिया में जारी अमेरिका-ईरान तनाव के जल्द कम होने की उम्मीदों ने निवेशकों के भरोसे को बढ़ाया। शुरुआती कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 1,899 अंक की तेजी के साथ 73,847 के स्तर तक पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी लगभग 573 अंकों की बढ़त लेकर 22,903 के आसपास कारोबार करता नजर आया।
इसी बीच विदेशी मुद्रा बाजार में भी रुपये में मजबूती देखी गई। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले करीब 15 पैसे मजबूत होकर 94.70 के स्तर पर पहुंच गया।
सेंसेक्स कंपनियों में व्यापक तेजी
सेंसेक्स में शामिल सभी 30 कंपनियों के शेयरों में तेजी दर्ज की गई। इनमें ट्रेंट, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, अदानी पोर्ट्स, बजाज फाइनेंस, इंटरग्लोब एविएशन और लार्सन एंड टुब्रो जैसे शेयरों ने सबसे ज्यादा बढ़त दिखाई और बाजार की तेजी को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।
बाजार में तेजी की मुख्य वजह
विश्लेषकों के मुताबिक बाजार में सकारात्मक माहौल बनने के पीछे अमेरिका और ईरान के नेताओं के हालिया बयान अहम रहे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि मौजूदा तनाव अगले तीन सप्ताह के भीतर खत्म हो सकता है। वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने भी कहा कि तेहरान इस संकट के समाधान के लिए इच्छाशक्ति रखता है। इन संकेतों के बाद वैश्विक निवेशकों की धारणा में सुधार देखने को मिला।
हालांकि डॉलर पर दबाव और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में तेजी के चलते निवेशकों के बीच सतर्कता भी बनी हुई है।
एशियाई और अमेरिकी बाजारों में भी मजबूती
एशियाई बाजारों में भी मजबूत तेजी देखने को मिली। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक लगभग 7 प्रतिशत तक उछल गया, जबकि जापान का निक्केई 225 चार प्रतिशत से ज्यादा बढ़ा। इसके अलावा शंघाई का एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक भी बढ़त के साथ कारोबार करते दिखाई दिए।
मंगलवार को अमेरिकी बाजारों में भी जोरदार तेजी दर्ज की गई थी। नैस्डैक कंपोजिट करीब 3.83 प्रतिशत, एसएंडपी 500 लगभग 2.91 प्रतिशत और डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज करीब 2.49 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में अनिश्चितता के कारण सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। इसके चलते ब्रेंट क्रूड की कीमत 105 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) लगभग 103 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर
इस भू-राजनीतिक तनाव का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत चार वर्षों में पहली बार 4 डॉलर प्रति गैलन के पार चली गई है। वहीं यूरोप में महंगाई बढ़ने लगी है, जिसके चलते कई सरकारें राहत पैकेज और आर्थिक समर्थन उपाय लागू कर रही हैं।
पिछले कारोबारी दिन का हाल
महावीर जयंती के अवसर पर मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार बंद रहे थे। इससे पहले सोमवार को बाजार में गिरावट देखने को मिली थी। सेंसेक्स 1,635 अंक यानी 2.22 प्रतिशत गिरकर 71,947 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 488 अंक यानी 2.14 प्रतिशत टूटकर 22,331 के स्तर पर आ गया था।
वहीं एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने सोमवार को 11,163 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 14,894 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को कुछ सहारा दिया।
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