शेयर बाजार में दबाव: सेंसेक्स 316 अंक गिरा, निफ्टी 26,100 के नीचे खुला

सोमवार को शेयर बाजार की शुरुआत दबाव में रही। सेवा और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में गिरावट और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के बीच सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान के साथ खुले। शुरुआती सत्र में बीएसई सेंसेक्स 316.52 अंक (0.37%) फिसलकर 85,395.85 पर आ गया, जबकि एनएसई निफ्टी 106.70 अंक (0.41%) टूटकर 26,079.75 पर पहुंच गया। विदेशी दबाव का असर मुद्रा बाजार में भी दिखा और रुपये में 16 पैसे की कमजोरी आई, जिससे यह 90.11 प्रति डॉलर पर खुला।
सेंसेक्स की कंपनियों का प्रदर्शन
शुरुआती कारोबार में बजाज फाइनेंस, बीईएल, एक्सिस बैंक, बजाज फिनसर्व, मारुति सुजुकी, एशियन पेंट्स, एम एंड एम, एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक, पावरग्रिड, हिंदुस्तान यूनिलीवर और एलएंडटी के शेयरों में गिरावट दिखी।
वहीं, टेक महिंद्रा, इंफोसिस, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा मोटर्स पीवी, टीसीएस, ट्रेंट, एचसीएल टेक और टाटा स्टील के शेयर हरे निशान में रहे।
आरबीआई की नीति से मिला स्थिरता का संकेत
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी.के. विजयकुमार ने कहा कि सकारात्मक और नकारात्मक कारकों का मिश्रण निकट भविष्य में बाजार में उतार-चढ़ाव बनाए रख सकता है। मजबूत आर्थिक वृद्धि और बेहतर होती कॉर्पोरेट आय बाजार को सहारा दे रही है।
उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2026 के लिए जीडीपी वृद्धि अनुमान को आरबीआई द्वारा 7.3% तक बढ़ाना निवेशकों के लिए उत्साहजनक है।
कम मुद्रास्फीति के कारण नाममात्र जीडीपी और कॉर्पोरेट कमाई पर असर पड़ा है, लेकिन संकेतक दर्शाते हैं कि वित्त वर्ष 2027 में लगभग 15% आय वृद्धि संभव है।
रुपये की गिरावट से बढ़ी एफआईआई बिकवाली
विश्लेषकों का मानना है कि रुपया लगातार कमजोर हो रहा है, जिसके चलते विदेशी फंडों की बिकवाली बढ़ गई है और इसका सीधा असर बाजार भावना पर पड़ा है।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख
एशिया में जापान का निक्केई 225, शंघाई कंपोजिट और दक्षिण कोरिया का कोस्पी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग लाल निशान पर था।
अमेरिकी बाजार शुक्रवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे, जिससे वैश्विक संकेत मिश्रित रहे।
फेड की बैठक पर नजर
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के देवर्ष वकील ने बताया कि पिछले सप्ताह अमेरिका में नरम मुद्रास्फीति और मजबूत आर्थिक डेटा ने फेड की संभावित दर कटौती की उम्मीद को बल दिया है। निवेशक इस हफ्ते होने वाली एफओएमसी बैठक और नए मुद्रास्फीति आंकड़ों पर नजर बनाए हुए हैं।
कच्चे तेल और निवेश के आंकड़े
ब्रेंट क्रूड का भाव 0.13% बढ़कर 63.83 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा।
एक्सचेंज डेटा के अनुसार, शुक्रवार को एफआईआई ने 438.90 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जबकि डीआईआई ने 4,189.17 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को सहारा दिया।
शुक्रवार के सत्र में सेंसेक्स 447.05 अंक चढ़कर 85,712.37 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 152.70 अंक बढ़कर 26,186.45 पर पहुंच गया था।
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