शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स-निफ्टी ने दिखाई मजबूती

HIGHLIGHTS
- भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को मजबूत वैश्विक और भू-राजनीतिक संकेतों के बीच शानदार शुरुआत की।
- शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही प्रमुख सूचकांक मजबूती के साथ हरे निशान में नजर आए, जिससे निवेशकों की धारणा सकारात्मक बनी रही।
- सुबह के कारोबार में सेंसेक्स करीब 359 अंकों की तेजी के साथ 77,245 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 100 से अधिक अंकों की बढ़त लेकर 24,096 के आसपास कारोबार करता दिखा।
- वहीं, रुपये में मामूली कमजोरी दर्ज की गई और यह डॉलर के मुकाबले 11 पैसे गिरकर 94.79 पर आ गया।
भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को मजबूत वैश्विक और भू-राजनीतिक संकेतों के बीच शानदार शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही प्रमुख सूचकांक मजबूती के साथ हरे निशान में नजर आए, जिससे निवेशकों की धारणा सकारात्मक बनी रही।
सुबह के कारोबार में सेंसेक्स करीब 359 अंकों की तेजी के साथ 77,245 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 100 से अधिक अंकों की बढ़त लेकर 24,096 के आसपास कारोबार करता दिखा। वहीं, रुपये में मामूली कमजोरी दर्ज की गई और यह डॉलर के मुकाबले 11 पैसे गिरकर 94.79 पर आ गया।
बाजार में तेजी की वजह वैश्विक स्तर पर पश्चिम एशिया से जुड़े सकारात्मक संकेत माने जा रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर सैन्य गतिविधियों पर रोक के संकेत मिलने से तनाव में कमी की उम्मीद जगी है, जिसका असर वैश्विक निवेश धारणा पर पड़ा है।
बाजार का हाल
तेजी का असर सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। शुरुआती सत्र में मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में हल्की बढ़त दर्ज की गई।
कंपनी शेयरों की बात करें तो मजबूत नतीजों के चलते कुछ स्टॉक्स में अच्छी तेजी देखी गई। कुछ बड़े शेयरों ने भी बाजार को सपोर्ट किया, जबकि बैंकिंग और पेंट सेक्टर के कुछ शेयरों में हल्की गिरावट दर्ज की गई।
कच्चा तेल और विदेशी निवेश का दबाव
तेजी के बावजूद बाजार विशेषज्ञ सतर्क रुख अपनाने की सलाह दे रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतें अब भी चिंता का विषय बनी हुई हैं, जिससे महंगाई का दबाव बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
इसके साथ ही विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली भी बाजार पर दबाव डाल रही है। हाल के आंकड़ों के अनुसार, एफआईआई ने हजारों करोड़ रुपये की बिकवाली की है, जिससे घरेलू बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।
रुपये पर असर
तेल की कीमतों और डॉलर की मांग बढ़ने का असर भारतीय मुद्रा पर भी दिखा। शुरुआती कारोबार में रुपया हल्का कमजोर होकर 94.79 के स्तर पर पहुंच गया।
आगे की दिशा
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार की चाल पश्चिम एशिया के हालात, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक केंद्रीय बैंकों के फैसलों पर निर्भर करेगी। जब तक वैश्विक अनिश्चितता बनी रहेगी, बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।
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