सुप्रीम कोर्ट ने एमटेक घोटाले में अरविंद धाम को दी जमानत

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को 27,000 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एमटेक समूह के पूर्व चेयरपर्सन अरविंद धाम को जमानत दे दी। शीर्ष अदालत ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया था, जिसमें धाम की जमानत याचिका खारिज की गई थी। इस फैसले की घोषणा न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने की।
हाईकोर्ट की आपत्ति
दिल्ली हाईकोर्ट ने 19 अगस्त 2025 को धाम की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि समय से पहले रिहाई से मामले की जांच और जवाबदेही पर असर पड़ सकता है। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते उपयोग के साथ आर्थिक अपराध, विशेषकर मनी लॉन्ड्रिंग, देश की वित्तीय प्रणाली के लिए गंभीर खतरा हैं। ऐसे मामलों में जांच जटिल और लंबी होती है।
उच्च न्यायालय ने यह भी जोर दिया था कि निर्दोष व्यक्तियों को फंसाए बिना वास्तविक अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाना बेहद जरूरी है।
एमटेक की संपत्तियों पर कार्रवाई
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून के तहत एमटेक समूह की कंपनियों की 550 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की थीं। सितंबर 2024 में एजेंसी ने 5,115.31 करोड़ रुपये की अतिरिक्त संपत्तियां भी अटैच की थीं। जांच के दौरान 145 एकड़ जमीन (राजस्थान और पंजाब), दिल्ली-एनसीआर में 342 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां, तथा 112.5 करोड़ रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट और बैंक बैलेंस कुर्क किए गए।
एजेंसी का आरोप
ईडी की जांच सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 27 फरवरी 2024 को शुरू हुई थी। अरविंद धाम को जुलाई 2024 में गिरफ्तार किया गया और सितंबर 2024 में चार्जशीट दाखिल की गई। एजेंसी का आरोप है कि एमटेक समूह की कंपनियों ने वित्तीय विवरणों में हेरफेर कर फर्जी ऋण और संपत्तियां दिखाईं, जिससे बैंकों को 80% से अधिक का 'हेयरकट' झेलना पड़ा और सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थानों को भारी नुकसान हुआ।
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