तारिक रहमान के सलाहकार बोले- बदली हुई वास्तविकता को स्वीकार करे भारत

लगभग डेढ़ साल के इंतजार के बाद बांग्लादेश को स्थायी सरकार मिलने जा रही है। 12 फरवरी को हुए आम चुनाव में बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (बीएनपी) ने भारी बहुमत हासिल किया। अब 17 फरवरी को बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे।
भारत के साथ नए रिश्तों की दिशा
तारिक रहमान के सलाहकार हुमायूं कबीर ने एक इंटरव्यू में कहा कि बांग्लादेश भारत के साथ नए सिरे से कूटनीतिक और आर्थिक संबंध स्थापित करना चाहता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के लिए अब बांग्लादेश की बदली हुई राजनीतिक वास्तविकता को स्वीकार करना जरूरी है।
कबीर ने कहा कि बीएनपी की जीत और शेख हसीना की अवामी लीग अब सत्ता में नहीं होने के बाद दोनों देशों के बीच पारस्परिक लाभ के लिए सहयोग आवश्यक है। उनका मानना है कि भारत और बांग्लादेश को मिलकर काम करना चाहिए ताकि क्षेत्रीय स्थिरता और विकास सुनिश्चित हो सके।
पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना पर आरोप
हुमायूं कबीर ने 2024 के अगस्त विद्रोह के संदर्भ में शेख हसीना को बांग्लादेश में हुई हिंसा और 1500 से अधिक मौतों के लिए जिम्मेदार बताया और उन्हें “आतंकवादी” करार दिया। उन्होंने भारत सरकार से अनुरोध किया कि शेख हसीना या उनकी पार्टी अवामी लीग द्वारा बांग्लादेश में किसी भी अस्थिर गतिविधि के लिए भारत की भूमि का उपयोग न किया जाए।
कबीर ने यह भी कहा, "बांग्लादेश की संप्रभुता को कमजोर करने वाली किसी भी कार्रवाई में भारत को शामिल नहीं माना जाना चाहिए। समस्या सुलझ जाने के बाद सामान्य कूटनीतिक सहयोग फिर से शुरू किया जा सकता है। हम पड़ोसी हैं और आपसी लाभ के लिए मिलकर काम करना चाहिए।"
बीएनपी ने शुक्रवार को जारी चुनाव परिणाम में ऐतिहासिक जीत दर्ज की, जिसमें पार्टी ने दो-तिहाई से अधिक सीटों पर कब्जा किया। इस जीत के बाद बांग्लादेश में राजनीतिक परिदृश्य पूरी तरह बदल गया है।
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