एमडीए बैठक में शामली को अलग प्राधिकरण बनाने के प्रस्ताव पर मुहर

मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की 58वीं बोर्ड बैठक सोमवार को मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक का सबसे अहम फैसला शामली को अलग विकास प्राधिकरण बनाने के प्रस्ताव को अनुमोदन देना रहा। इस प्रस्ताव पर अब अंतिम निर्णय शासन स्तर पर होगा।
बैठक में केंद्र सरकार की अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत कांधला, बुढ़ाना और खतौली की महायोजना तैयार कराने को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा जिले में 800 सीटों की क्षमता वाले आधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए पुनरीक्षित बजट को स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से जुड़े प्रस्तावों को भी हरी झंडी मिली।
बैठक में मौजूद रहे अधिकारी
मीटिंग में डीएम उमेश मिश्र, प्राधिकरण की उपाध्यक्ष कविता मीणा, सचिव कुंवर बहादुर सिंह, चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप और अन्य बोर्ड सदस्य शामिल रहे। शुरुआत में 57वीं बैठक के कार्यवृत्त की पुष्टि की गई, जिसके बाद नए प्रस्तावों पर चर्चा आगे बढ़ी।
शहर के विकास से जुड़े अहम निर्णय
बैठक में प्राधिकरण क्षेत्र में भविष्य में नई कॉलोनियों के विकास, भूमि अधिग्रहण और रेन वाटर हार्वेस्टिंग से जुड़ी एफडीआर बढ़ाने जैसे मुद्दों पर भी विचार हुआ। बताया गया कि प्राधिकरण में वर्तमान में 53 आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि कई पद रिक्त हैं, जिन पर नए सिरे से नियुक्ति की जानी है।
मीनाक्षीपुरम को नियमित करने की मांग
बोर्ड सदस्य श्रीमोहन तायल ने मोहल्ला मीनाक्षीपुरम को प्राधिकरण द्वारा नियमित करने का विषय उठाते हुए कहा कि 30 वर्ष पुरानी इस बस्ती को आज भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव झेलना पड़ रहा है। साथ ही ए-टू-ज़ेड रोड का चौड़ीकरण करने का प्रस्ताव भी रखा गया। इस पर प्राधिकरण सचिव ने बताया कि सिंचाई विभाग से एनओसी मिलने के बाद ही कार्य संभव होगा। डीएम ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया।
14 में से 12 प्रस्ताव पास
बैठक में कुल 14 प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिनमें से 12 को मंजूरी दे दी गई।
महत्वपूर्ण फैसलों में शामिल था-
-
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने 254 आवास शीघ्र ही ई-लॉटरी के माध्यम से आवंटित किए जाएंगे।
-
प्राधिकरण कार्यालय के सामने स्थित पुराने आवासों के 46 फ्लैट्स का आवंटन भी जनवरी तक पूरा होगा।
मल्टी-स्टोरी पार्किंग और वेंडर जोन की मांग
बोर्ड सदस्यों ने शहर में बढ़ती ट्रैफिक समस्या को देखते हुए मल्टी स्टोरी पार्किंग निर्माण का सुझाव दिया। साथ ही शहर के चारों ओर वेंडर जोन विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा गया, जिससे न सिर्फ अव्यवस्था कम होगी बल्कि सड़क किनारे छोटे व्यापारियों को भी व्यवस्थित स्थान मिल सकेगा।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.