सुप्रीम कोर्ट ने मेटा-व्हाट्सएप प्राइवेसी केस की सुनवाई 23 फरवरी तक स्थगित की

दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मेटा प्लेटफॉर्म्स और व्हाट्सएप द्वारा भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई 23 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी। यह मामला व्हाट्सएप की विवादित प्राइवेसी पॉलिसी और कंपनी पर लगाए गए 213.14 करोड़ रुपये के जुर्माने से जुड़ा है।
मामले की अहमियत
विशेष पीठ, जिसकी अगुवाई प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत कर रहे हैं, ने इस मामले को डिजिटल डेटा अधिकारों और बड़े टेक कंपनियों के बाजार एकाधिकार के खिलाफ चल रही कानूनी लड़ाई का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया है। अदालत ने कहा है कि 23 फरवरी को अंतरिम आदेश पारित किया जा सकता है।
सुनवाई स्थगित होने का कारण
सोमवार को सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि मेटा और व्हाट्सएप की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल अस्वस्थ हैं। इस कारण पीठ ने सुनवाई को स्थगित करने का निर्णय लिया। इस पीठ में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस एन वी अंजारिया भी शामिल हैं।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही इस मामले में स्पष्ट रुख अपनाया है। 3 फरवरी को सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा था कि मेटा और व्हाट्सएप "डेटा शेयरिंग के नाम पर नागरिकों के निजता अधिकार के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकते"।
अदालत ने इस बात पर चिंता जताई कि ये कंपनियां बाजार में एकाधिकार बना रही हैं और ग्राहकों की निजी जानकारी का दुरुपयोग कर रही हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि डिजिटल रूप से निर्भर नागरिकों को डेटा शेयरिंग के खतरों से अवगत कराना आवश्यक है।
सीसीआई का जुर्माना और एनसीएलएटी का फैसला
यह विवाद तब शुरू हुआ जब CCI ने 2021 में व्हाट्सएप की प्राइवेसी पॉलिसी को प्रतिस्पर्धा विरोधी मानते हुए मेटा और व्हाट्सएप पर 213.14 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया।
इसके बाद, 4 नवंबर 2025 को एनसीएलएटी ने जुर्माना बरकरार रखा, लेकिन सीसीआई के उस आदेश को रद्द कर दिया जिसमें व्हाट्सएप को विज्ञापन उद्देश्यों के लिए मेटा के साथ डेटा साझा करने पर 5 साल का प्रतिबंध था। अब सुप्रीम कोर्ट में सीसीआई ने भी क्रॉस-अपील दायर की है।
आगे क्या होगा?
सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को भी इस मामले में पक्ष बनाने का निर्देश दिया है। अब सभी की निगाहें 23 फरवरी पर टिकी हैं, जब अदालत इस हाई-प्रोफाइल मामले में अंतरिम आदेश जारी कर सकती है।
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