LIC के निवेश निर्णयों में सरकार का दखल नहीं: वित्त मंत्री सीतारमण

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में स्पष्ट किया कि वित्त मंत्रालय भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) को उसके निवेश निर्णयों को लेकर कोई सलाह या निर्देश नहीं देता। उन्होंने कहा कि LIC द्वारा अदाणी समूह में किए गए निवेश पूरी तरह से स्थापित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत हुए हैं।
वित्त मंत्री ने लिखित उत्तर में कहा कि LIC ने पिछले कुछ वर्षों में गहन जांच-पड़ताल और जोखिम मूल्यांकन के बाद कई कंपनियों में निवेश किया है। इसके तहत अदाणी समूह की छह सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों में 38,658.85 करोड़ रुपये और समूह के डेट इंस्ट्रूमेंट्स में 9,625.77 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है। उन्होंने जोर देकर कहा कि LIC के सभी निवेश निर्णय केवल कंपनी द्वारा सख्त परिश्रम, जोखिम मूल्यांकन और नियमों का पालन करने के बाद ही लिए जाते हैं।
निर्मला सीतारमण ने यह भी बताया कि LIC के निवेश भारतीय बीमा अधिनियम, 1938 के प्रावधानों के साथ-साथ IRDAI, RBI और SEBI द्वारा जारी विनियमों के तहत नियंत्रित हैं।
मणिपुर में राष्ट्रपति शासन के दौरान जीएसटी संशोधन बिल पारित
लोकसभा में वित्त मंत्री ने मणिपुर जीएसटी (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2025 पेश किया, जिसे सदन ने पारित कर दिया। यह विधेयक 7 अक्टूबर 2025 को जारी अध्यादेश की जगह लेगा और 56वीं जीएसटी परिषद की बैठक में लिए गए निर्णयों को लागू करने के लिए आवश्यक संशोधनों को औपचारिक मान्यता देगा।
56वीं जीएसटी परिषद ने 375 वस्तुओं पर कर दरों का सरलीकरण करते हुए 5%, 12%, 18% और 28% की चार दरों को खत्म कर दो स्लैब—5% और 18%—में समाहित किया था। इसके अतिरिक्त अत्यधिक विलासिता वाले उत्पादों पर 40% की विशेष दर तय की गई थी। नई दरें 22 सितंबर से लागू हो चुकी हैं।
मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू होने के कारण जीएसटी संशोधन को पहले अध्यादेश के माध्यम से लागू किया गया था। अब विधेयक के पारित होने के साथ इसे विधायी मान्यता मिल गई है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.