ट्रंप ने भरी सभा में शहबाज शरीफ को खड़ा करवाकर की पीएम मोदी की तारीफ

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बोर्ड ऑफ पीस की बैठक के दौरान एक बार फिर यह दावा किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया सीजफायर में उनकी मध्यस्थता अहम रही। इस मौके पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी ट्रंप को धन्यवाद दिया, लेकिन भारत ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया।
ट्रंप का दावा
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने दोनों देशों के नेताओं से बातचीत कर संघर्ष को रोकने में मदद की और यदि समझौता नहीं होता तो उन्होंने व्यापारिक टैरिफ के जरिए दबाव बनाने की बात कही थी। उन्होंने कहा,
"मैंने दोनों को फोन किया। मैं प्रधानमंत्री मोदी को अच्छी तरह जानता हूं। मैंने उन्हें कहा कि अगर आप लोग यह मामला नहीं सुलझाते, तो मैं आप दोनों के साथ व्यापार समझौता नहीं करूंगा। अचानक हम समझौते पर पहुंच गए।"
शहबाज शरीफ का बयान
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बैठक में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हालात बेहद तनावपूर्ण थे और ट्रंप की भूमिका की सराहना की। ट्रंप ने शहबाज को खड़ा कर धन्यवाद देने के लिए कहा और दावा किया कि युद्धविराम से करीब 2.5 करोड़ लोगों की जानें बचाई गईं।
भारत का रुख
भारत ने लगातार यह स्पष्ट किया है कि सीजफायर दोनों देशों की सेनाओं के DGMO स्तर पर हुई प्रत्यक्ष बातचीत का नतीजा था और किसी तीसरे देश की मध्यस्थता इसमें शामिल नहीं थी। भारतीय अधिकारियों ने ट्रंप के दावों को बार-बार खारिज किया है और कहा है कि संघर्ष रोकने का निर्णय दोनों पक्षों की सहमति से लिया गया था।
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