'बातचीत नहीं तो हमला तय', ट्रंप ने ईरान को दी खुली धमकी

ईरान में पिछले कुछ समय से जारी विरोध प्रदर्शन अब केवल आर्थिक मुद्दों तक सीमित नहीं रहे। शुरुआत में लोग महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ सड़कों पर उतरे थे, लेकिन अब विरोध सरकार के खिलाफ राजनीतिक मांगों तक पहुंच गया है। सरकार की कड़ी कार्रवाई और सुरक्षा बलों की दखलंदाजी के बावजूद हालात अभी भी तनावपूर्ण हैं और प्रदर्शन, हत्याओं और गुमशुदा लोगों की संख्या को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं।
इस बीच, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी भरे संदेश के माध्यम से वैश्विक ध्यान फिर अपनी ओर खींचा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर ईरान में शांतिप्रिय प्रदर्शनकारियों की हत्या होती है या हिरासत में लिए गए लोगों को बड़े पैमाने पर फांसी दी जाती है, तो अमेरिका सख्त कदम उठा सकता है।
ट्रंप की सख्त चेतावनी
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ट्रूथ सोशल पर पोस्ट में लिखा कि ईरान ने अगर शांतिप्रिय प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाया या हिरासत में लिए गए लोगों को फांसी दी, तो अमेरिका कार्रवाई करेगा। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वह कब और किस तरह कदम उठाएंगे। अधिकारियों और मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, ईरान में विरोध प्रदर्शनों के दौरान अब तक कम से कम 6,221 लोग मारे जा चुके हैं और कई लोग अभी भी लापता हैं या मारे जाने की आशंका है।
ट्रंप ने ईरान के लिए दो “रेड लाइन” तय की हैं: एक, शांतिप्रिय प्रदर्शनकारियों की हत्या और दूसरा, गिरफ्तार लोगों को बड़े पैमाने पर फांसी देना। उन्होंने चेताया कि अगर ये घटनाएं जारी रहीं, तो अमेरिका शांत नहीं बैठेगा।
बातचीत नहीं तो हमला संभव
ट्रंप ने आगे कहा कि वे चाहते हैं कि ईरान जल्दी से जल्दी बातचीत की मेज पर आए और सभी पक्षों के लिए न्यायपूर्ण और संतुलित समझौता हो, जिसमें परमाणु हथियार शामिल न हों। उन्होंने यह भी चेताया कि समय तेजी से खत्म हो रहा है। अपने पोस्ट में ट्रंप ने जून में अमेरिकी हवाई हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि अगर अमेरिका ने फिर हमला किया, तो वह उससे भी ज्यादा गंभीर होगा। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप वास्तविक रूप से सैन्य कार्रवाई करेंगे या नहीं, लेकिन उनकी चेतावनी ने अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को और बढ़ा दिया है।
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