ट्रंप की आखिरी चेतावनी: राष्ट्रपति बोले- डील मानो, वरना अंधेरे में डूबेगा ईरान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बेहद सख्त और आक्रामक बयान देते हुए सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा है कि अगर ईरान मौजूदा समझौते की शर्तों को स्वीकार नहीं करता, तो अमेरिका उसके पावर प्लांट्स और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा सकता है।
ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान ने होर्मुज क्षेत्र में गोलीबारी कर सीजफायर समझौते का उल्लंघन किया है। उनके अनुसार, इस हमले में फ्रांस और ब्रिटेन के जहाजों को निशाना बनाया गया, जो अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई ईरान की कमजोर होती स्थिति और बढ़ती हताशा को दर्शाती है।
इस बीच कूटनीतिक कोशिशों के तहत बातचीत का रास्ता भी खुला रखा गया है। जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल जल्द ही पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंचेगा, जहां ईरान के साथ अहम और निर्णायक बातचीत प्रस्तावित है। ट्रंप ने इसे “अंतिम मौका” बताते हुए कहा कि अब फैसला ईरान को लेना है कि वह समझौता चाहता है या टकराव।
ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका की मौजूदा नीतियों ने पहले ही उसकी आर्थिक गतिविधियों पर असर डाल दिया है। उन्होंने कहा कि इससे ईरान को रोजाना भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि वैश्विक व्यापार अब धीरे-धीरे अमेरिका के प्रमुख बंदरगाहों की ओर शिफ्ट हो रहा है, जिससे अमेरिका को कोई नुकसान नहीं बल्कि लाभ हो रहा है।
ट्रंप ने अपने अंदाज में कहा कि पिछले कई दशकों से जिस सख्त नीति की बात की जाती रही, उसे अब उनकी सरकार पूरा कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका ईरान के ढांचे और रणनीतिक ठिकानों पर कड़ा कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।
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