तृषा पर कथित टिप्पणी के आरोप में उदयनिधि स्टालिन हिरासत में, केस भी दर्ज

HIGHLIGHTS
- टीवीके की महिला विंग ने तंजावुर पूर्व पुलिस थाने में दर्ज कराई थी शिकायत।
- डीएमके ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि टिप्पणी किसी व्यक्ति विशेष को लेकर नहीं थी।
- भाजपा और टीवीके नेताओं ने मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए उदयनिधि स्टालिन की आलोचना की।
द्रमुक नेता और तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन को अभिनेत्री तृषा कृष्णन पर की गई कथित टिप्पणी के मामले में हिरासत में लिया गया है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की पार्टी टीवीके द्वारा पुलिस और राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) में शिकायत दर्ज कराने के बाद की गई।
टीवीके की तंजावुर केंद्रीय जिला महिला विंग की संयोजक एस. बैरवी ने तंजावुर पूर्व पुलिस थाने में उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। इसके साथ ही टीवीके ने राष्ट्रीय महिला आयोग में भी शिकायत देकर इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
आवास पर पहले से तैनात किया गया था पुलिस बल
उदयनिधि स्टालिन को हिरासत में लेने से पहले उनके आवास पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। उनकी कथित टिप्पणी के विरोध में टीवीके कार्यकर्ताओं ने आवास का घेराव करने का एलान किया था। इसे देखते हुए पुलिस ने एहतियात के तौर पर पहले ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी।
डीएमके ने आरोपों को बताया निराधार
विवाद बढ़ने के बाद डीएमके नेता टीआर बालू ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष के नेता ने किसी व्यक्ति विशेष का नाम नहीं लिया था। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, बालू ने कहा, "उन्होंने उस महिला के बारे में एक शब्द भी नहीं कहा है। यह सब झूठ है।"
वहीं, डीएमके के राज्यसभा सांसद पी. विल्सन ने हिरासत की कार्रवाई की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि इस विवाद का इस्तेमाल कावेरी जल विवाद और कर्नाटक की ओर से कथित रूप से पानी नहीं छोड़े जाने जैसे मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए किया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई टिप्पणी
डीएमके नेता और पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन की हालिया टिप्पणी को लेकर तमिलनाडु की राजनीति में विवाद खड़ा हो गया। कावेरी जल विवाद के मुद्दे पर तंजावुर में आयोजित एक रैली के दौरान उन्होंने अभिनेत्री तृषा से जुड़ी एक टिप्पणी की। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद विपक्षी दलों ने इस पर आपत्ति जताई।
टीवीके विधायक रेवंत चरण ने टिप्पणी को आपत्तिजनक और अस्वीकार्य बताते हुए आरोप लगाया कि द्रमुक राजनीतिक संवाद का स्तर गिरा रही है और जानबूझकर उकसावे वाली राजनीति कर रही है। कावेरी मुद्दे पर आयोजित रैली में उदयनिधि स्टालिन मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की आलोचना कर रहे थे। इसी दौरान भीड़ से "तृषा, तृषा" के नारे लगने लगे।
क्या कहा था उदयनिधि स्टालिन ने?
वायरल वीडियो के अनुसार, उदयनिधि स्टालिन ने कहा, "कावेरी का एक बूंद पानी भी नहीं मिला। लेकिन क्या मुख्यमंत्री ने इस पर मुंह खोला? नहीं। उन्हें केवल द्रमुक के खिलाफ 'झूठे मामले' दर्ज कराने की चिंता है।"
इसी दौरान नारेबाजी जारी रहने पर उन्होंने मुस्कुराते हुए एक टिप्पणी की, जिसे कई लोगों ने अभिनेत्री तृषा और मुख्यमंत्री विजय के कथित संबंधों को लेकर सोशल मीडिया पर लंबे समय से चल रही अटकलों से जोड़कर देखा।
टीवीके और भाजपा ने जताई आपत्ति
वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए टीवीके विधायक रेवंत चरण ने कहा कि इस तरह की टिप्पणी पूरी तरह आपत्तिजनक है और किसी भी व्यक्ति के बारे में ऐसी टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि यह द्रमुक की राजनीतिक संस्कृति और गिरते स्तर को दर्शाता है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि कावेरी मुद्दे पर आयोजित विरोध प्रदर्शन को अपेक्षित समर्थन नहीं मिला, इसलिए द्रमुक सोशल मीडिया पर ध्यान आकर्षित करने के लिए "सस्ती उकसावे वाली राजनीति" का सहारा ले रही है। उनके अनुसार, अहंकार और अभद्रता का यह रवैया द्रमुक की जनस्वीकृति को और कमजोर करेगा।
वहीं, तमिलनाडु भाजपा ने भी उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणी की आलोचना करते हुए इसे घृणित, अश्लील, अभद्र और शर्मनाक बताया। राज्य भाजपा के प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा कि इस मामले में कानूनी कार्रवाई मुख्यमंत्री विजय की विश्वसनीयता को मजबूत करेगी।
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