E-20 पेट्रोल विरोध: केजरीवाल के मार्च से पहले AAP मुख्यालय की घेराबंदी, दिल्ली पुलिस तैनात

HIGHLIGHTS
- दिल्ली पुलिस के अनुसार मार्च के लिए आप की ओर से औपचारिक अनुमति नहीं मांगी गई थी।
- प्रधानमंत्री आवास की ओर किसी भी जुलूस या यात्रा पर बीएनएसएस की धारा 163 के तहत रोक है।
- केजरीवाल ने ई-20 पेट्रोल को लेकर दो लाख से अधिक हस्ताक्षर वाली याचिका सौंपने की बात कही थी।
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के ई-20 पेट्रोल के विरोध में प्रधानमंत्री आवास तक प्रस्तावित मार्च से करीब आधे घंटे पहले दिल्ली पुलिस ने आप मुख्यालय के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी। इस दौरान दिल्ली पुलिस और सीआरपीएफ के बड़ी संख्या में जवानों की तैनाती की गई। वहीं, फिरोजशाह रोड को यातायात के लिए बंद कर दिया गया।
मार्च की नहीं ली गई थी अनुमति
दिल्ली पुलिस ने प्रस्तावित मार्च को अनुमति देने से इनकार कर दिया है। यह यात्रा ई-20 पेट्रोल के विरोध में निकाली जानी थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, केजरीवाल या उनकी पार्टी की ओर से करीब 100 लोगों की इस यात्रा के लिए कोई औपचारिक अनुमति नहीं मांगी गई थी और न ही इसकी मंजूरी दी गई थी।
अधिकारियों ने बताया कि राजधानी दिल्ली में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू है, जिसके तहत प्रधानमंत्री आवास की ओर किसी भी जुलूस या यात्रा पर रोक है।
ई-20 ईंधन को लेकर केजरीवाल ने जताया विरोध
अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को इस मार्च का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि वह व्यक्तिगत रूप से ई-20 पेट्रोल के विरोध में दो लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर वाली याचिका प्रधानमंत्री को सौंपेंगे।
केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि केंद्र सरकार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में अमेरिका से एथेनॉल आयात बढ़ाने के लिए ई-20 ईंधन को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने दावा किया कि इस मिश्रण से वाहनों में तकनीकी समस्याएं आ रही हैं।
इससे पहले आप संयोजक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मुलाकात का समय मांगा था। साथ ही उन्होंने ई-20 के साथ कम कीमत पर शुद्ध पेट्रोल उपलब्ध कराने की मांग की थी।
भाजपा ने बताया राजनीतिक कदम
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने इस विरोध कार्यक्रम को आप और कांग्रेस के बीच खुद को ज्यादा आक्रामक दिखाने की राजनीतिक प्रतिस्पर्धा बताया। उन्होंने केजरीवाल पर आरोप लगाया कि बिना अनुमति किसी कार्यक्रम की घोषणा करना और फिर पुलिस की कार्रवाई के बाद खुद को पीड़ित बताना उनकी पुरानी रणनीति रही है।
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री आवास तक किसी भी यात्रा या मार्च की अनुमति नहीं दी गई है।
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