अमेरिका के दबाव में कनाडा ने हफ्ते में बदल दिए कई बड़े फैसले

वॉशिंगटन/ओटावा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनियों के बाद कनाडा ने पिछले सात दिनों में कई अहम नीतिगत फैसलों में नरमी दिखाई है। टैरिफ, रक्षा खर्च, विमान प्रमाणन और लड़ाकू विमानों की खरीद जैसे संवेदनशील मुद्दों पर कनाडा ने अमेरिका के दबाव को नजरअंदाज नहीं किया।
1. अमेरिका से व्यापार वार्ता होगी
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के ग्लोबल टैरिफ को रद्द कर दिया, जिसमें कनाडा पर लगाए गए फेंटेनाइल टैरिफ भी शामिल थे। कनाडा के ट्रेड मंत्री डॉमिनिक लेब्लांक ने कहा कि यह साबित करता है कि ये टैरिफ अनुचित थे। हालांकि स्टील, एल्युमिनियम और ऑटोमोबाइल पर लगाए गए टैरिफ अभी भी लागू हैं। कनाडा अमेरिका के साथ USMCA (यूएस-मेक्सिको-कनाडा व्यापार समझौता) की समीक्षा करेगा, जो 5 करोड़ से अधिक लोगों को कवर करता है।
2. NATO के लिए रक्षा खर्च बढ़ाने का ऐलान
ट्रंप लंबे समय से NATO देशों से कह रहे हैं कि वे अपने रक्षा बजट को जीडीपी का 2% बनाएं। अब कनाडा ने कहा है कि वह इस वित्त वर्ष में यह लक्ष्य पूरा करेगा। कनाडा के आर्म्ड फोर्सेस में भर्ती के आवेदन में लगभग 13% की वृद्धि हुई है। इसके साथ ही कनाडा अपनी सुरक्षा और संप्रभुता मजबूत करने के लिए निवेश की रणनीति बदल रहा है।
3. गल्फस्ट्रीम जेट को मंजूरी
ट्रंप ने 30 जनवरी को आरोप लगाया था कि कनाडा ने गल्फस्ट्रीम G500, G600, G700 और G800 जेट को प्रमाणित नहीं किया। धमकी दी गई थी कि यदि फैसला नहीं बदला गया तो कनाडा के विमानों पर 50% टैरिफ लगाया जाएगा। इसके बाद 15 फरवरी को ट्रांसपोर्ट कनाडा ने GVII-G500 और GVII-G600 को सर्टिफिकेट दे दिया। G700 और G800 को लेकर अभी अमेरिकी FAA के साथ बातचीत जारी है।
4. बाय कैनेडियन नीति पर जोर
प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने नागरिकों से घरेलू सामान खरीदने की अपील की। नई नीति में कनाडाई कंपनियों और श्रमिकों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। इसका मकसद देश की अर्थव्यवस्था को बाहरी खतरे से सुरक्षित रखना है।
5. F-35 लड़ाकू विमानों की डील
कनाडा ने अमेरिका से 14 अतिरिक्त F-35 लड़ाकू विमानों के लिए एडवांस पेमेंट किया। हालांकि सार्वजनिक तौर पर संकेत दिए गए कि डील को रद्द करने पर विचार किया जा सकता है। यह कदम अमेरिका को नाराज किए बिना रक्षा मामलों में सहयोग का संदेश देता है।
कनाडा का 75% से अधिक निर्यात अमेरिका को जाता है। ऐसे में 25-50% टैरिफ से अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव पड़ सकता है। यही कारण है कि कनाडा ने जल्दी से फैसले बदलकर अमेरिकी दबाव को कम करने की कोशिश की।
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