राजोरी जिला जेल में कैदियों के बीच हिंसक झड़प, आगजनी की कोशिश; 16 लोग घायल

जम्मू-कश्मीर के राजोरी जिले के ढांगरी स्थित जिला जेल में शनिवार शाम कैदियों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला हिंसक झड़प में बदल गया। झगड़े के दौरान कुछ कैदियों ने जेल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों को नुकसान पहुंचाया और आगजनी की कोशिश भी की। इस घटना में पुलिस व सीआरपीएफ के जवानों सहित कम से कम 16 लोग घायल हो गए। हालात को काबू में करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करना पड़ा।
इफ्तार के दौरान शुरू हुआ विवाद
जेल सूत्रों के अनुसार, शाम करीब साढ़े सात बजे रोजा इफ्तार के समय विवाद शुरू हुआ। बताया गया कि एक कैदी ने नमाज और इफ्तार के लिए कालीन बिछाया था। इसी दौरान एक अन्य कैदी का पैर उस कालीन पर पड़ गया, जिस पर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। देखते ही देखते मामला हाथापाई में बदल गया और कई अन्य कैदी भी इस झगड़े में शामिल हो गए।
झड़प में चले पत्थर और लाठियां
कुछ ही देर में दोनों पक्षों के कैदियों के बीच मारपीट शुरू हो गई। झड़प के दौरान लात-घूसे, डंडे और ईंट-पत्थर तक चलने लगे। स्थिति तब और बिगड़ गई जब कुछ कैदियों ने अपने इस्तेमाल के लिए दिए गए कंबल और कपड़ों में आग लगाकर जेल परिसर में फेंक दिए।
सीसीटीवी तोड़े, फरार होने की कोशिश
घटना के दौरान कैदियों ने जेल परिसर में लगे कई सीसीटीवी कैमरों को तोड़ दिया। बताया जाता है कि कुछ कैदियों ने सुरक्षा कर्मियों की आंखों में मिर्च मिला पानी फेंककर भागने की कोशिश भी की। हालांकि सुरक्षा बलों की सतर्कता के कारण उनकी यह कोशिश नाकाम रही।
जवानों और कैदियों समेत 16 घायल
जेल प्रशासन, पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों ने काफी मशक्कत के बाद हालात पर काबू पाया। इस दौरान छह सुरक्षा कर्मियों समेत कुल 16 लोग घायल हुए। सभी घायलों को उपचार के लिए चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई।
सुरक्षा बढ़ाई गई, जांच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। एहतियात के तौर पर जेल परिसर में अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए गए हैं। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
डॉक्टरों की टीम भेजी गई
घायल कैदियों के इलाज के लिए राजोरी के सरकारी मेडिकल कॉलेज से डॉक्टरों की टीम जेल भेजी गई। वहीं घायल पुलिस और सीआरपीएफ कर्मियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जेल में बंद हैं कई गंभीर अपराधी
बताया जाता है कि इस जेल में आतंकवाद से जुड़े आरोपियों के अलावा हत्या, नशा तस्करी और अन्य गंभीर अपराधों में शामिल कई कैदी बंद हैं।
डोडा जेल में मोबाइल तस्करी की साजिश नाकाम
इसी बीच डोडा जिले की भद्रवाह जिला जेल में एक कैदी तक मोबाइल फोन पहुंचाने की कोशिश को जेल प्रशासन ने नाकाम कर दिया। अधिकारियों ने एक पार्सल की जांच के दौरान उसमें छिपाकर रखे गए दो कीपैड मोबाइल फोन बरामद किए।
यह पार्सल इरशाद अहमद वानी के नाम भेजा गया था, जो सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत जेल में बंद है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह पार्सल पुलवामा निवासी मोहम्मद यूनिस वानी द्वारा डाक के जरिए भेजा गया था।
पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि जेल के भीतर प्रतिबंधित सामान पहुंचाने के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
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