कटक में हिंसा के बाद 36 घंटे का कर्फ्यू लागू, 60 पुलिस पलटन तैनात

कटक | दुर्गा पूजा विसर्जन के दौरान दो समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़पों के बाद प्रशासन ने कटक शहर में 36 घंटे का कर्फ्यू लागू कर दिया है। यह आदेश शनिवार रात 10 बजे से प्रभावी हुआ और सोमवार सुबह 10 बजे तक जारी रहेगा। जिला प्रशासन ने यह कदम भारतीय न्याय संहिता की धारा 163 के तहत उठाया है, ताकि स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में लाया जा सके।
मुख्य इलाकों में कर्फ्यू, जरूरी सेवाएं रहेंगी चालू
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त नरसिंह भोला ने बताया कि कर्फ्यू के दौरान सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे, जबकि अस्पताल, स्कूल, कॉलेज, दवा दुकानें, किराना स्टोर और पेट्रोल पंप जैसी आवश्यक सेवाएं जारी रहेंगी। उन्होंने कहा कि हिंसा में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कर्फ्यू का असर दरगाह बाजार, मंगलाबाग, पुरिघाट, लालबाग और जगतपुर जैसे प्रमुख क्षेत्रों में देखा जा रहा है।
सुरक्षा बलों की भारी तैनाती
शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 60 पुलिस पलटन समेत आरएएफ, बीएसएफ, सीआरपीएफ और ओडिशा स्विफ्ट एक्शन फोर्स की आठ कंपनियां तैनात की गई हैं। संवेदनशील इलाकों में चौकसी बढ़ा दी गई है और पुलिस गश्त लगातार जारी है।
डीजीपी की अपील – अफवाहों पर ध्यान न दें
राज्य के पुलिस महानिदेशक योगेश बहादुर खुरानिया ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह से दूर रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी आधिकारिक जानकारी के लिए लोग पुलिस या कमिश्नरेट की वेबसाइट और सोशल मीडिया हैंडल पर भरोसा करें। खुरानिया ने दावा किया कि कटक में स्थिति नियंत्रण में है और हिंसा में शामिल सभी असामाजिक तत्वों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है।
राजनीतिक दलों ने की सौहार्द बनाए रखने की अपील
मुख्यमंत्री मोहन चरण माजी, पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है। मुख्यमंत्री माजी ने कहा कि साम्प्रदायिक सौहार्द पर कोई समझौता नहीं होगा और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
कैसे भड़की हिंसा
शुक्रवार रात हाती पोखरी इलाके में दुर्गा विसर्जन जुलूस के दौरान तेज संगीत को लेकर दो पक्षों में कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक रूप ले ली। रविवार को वीएचपी की बाइक रैली प्रशासनिक आदेश की अनदेखी करते हुए निकाली गई, जिससे तनाव फिर बढ़ गया। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो पथराव और आगजनी शुरू हो गई। इस दौरान 25 लोग घायल हुए, जिनमें आठ पुलिसकर्मी शामिल हैं। फायर सर्विस और पुलिस ने समय रहते आग पर काबू पाया।
इंटरनेट सेवाएं बंद
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने रविवार शाम 7 बजे से सोमवार शाम 7 बजे तक सभी सोशल मीडिया और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम अफवाहों और भड़काऊ संदेशों के प्रसार को रोकने के लिए उठाया गया है।
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