गंगनहर पटरी पर तेज रफ्तार वाहन ने स्कूटी को रौंदा, एक छात्र की मौत, दूसरा गंभीर

HIGHLIGHTS
- यूपी के मुरादनगर क्षेत्र में गंगनहर पटरी मार्ग पर रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। जलालाबाद गांव के पास तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने स्कूटी सवार दो छात्रों को टक्कर मार दी। इस हादसे में एक छात्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है और उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। गंगनहर से लौटते समय हुआ हादसा भोजपुर थाना क्षेत्र के बढ़ायला गांव निवासी मोहित तोमर अपने बेटे सिद्धार्थ (
- और भतीजे मयंक तोमर (
यूपी के मुरादनगर क्षेत्र में गंगनहर पटरी मार्ग पर रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। जलालाबाद गांव के पास तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने स्कूटी सवार दो छात्रों को टक्कर मार दी। इस हादसे में एक छात्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है और उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
गंगनहर से लौटते समय हुआ हादसा
भोजपुर थाना क्षेत्र के बढ़ायला गांव निवासी मोहित तोमर अपने बेटे सिद्धार्थ (11) और भतीजे मयंक तोमर (15) के साथ रविवार दोपहर मुरादनगर गंगनहर में स्नान करने आए थे। नहाने के बाद तीनों स्कूटी से वापस घर लौट रहे थे। जैसे ही वे जलालाबाद मार्ग पर रेलवे पुल से करीब एक किलोमीटर आगे पहुंचे, तभी सामने से आ रहे तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूटी सवार तीनों लोग सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए।
अस्पताल में एक छात्र की मौत
घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने सिद्धार्थ को मृत घोषित कर दिया, जबकि मयंक की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज जारी है।
परिजनों के अनुसार, सिद्धार्थ कक्षा चार का छात्र था और मयंक कक्षा दस में पढ़ता है।
सीसीटीवी से वाहन की तलाश जारी
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। अधिकारियों के अनुसार, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि अज्ञात वाहन और उसके चालक का पता लगाया जा सके।
मासूम की आखिरी ख्वाहिश रह गई अधूरी
परिजनों ने बताया कि सिद्धार्थ का 20 जुलाई को जन्मदिन था और वह कई दिनों से अपने पिता से साइकिल दिलाने की जिद कर रहा था। उसे छोले-कुलचे बेहद पसंद थे और घर में उसकी मासूम शरारतें हमेशा गूंजती रहती थीं।
बेटे की मौत के बाद मां का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के लोग बताते हैं कि वह बार-बार बेहोश हो जा रही हैं और दरवाजे की ओर देखते हुए बस यही उम्मीद करती हैं कि सिद्धार्थ अभी खेलकर घर लौट आएगा। लेकिन अब घर में सिर्फ सन्नाटा और मातम पसरा हुआ है।
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