ओम प्रकाश राजभर के बाद संजय निषाद का बयान, कई सपा सांसद संपर्क में

HIGHLIGHTS
- संसद के मानसून सत्र से पहले उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी और दावों का दौर तेज हो गया है।
- विभिन्न दलों के नेताओं द्वारा विपक्षी दलों में टूट के दावे लगातार सामने आ रहे हैं, जिससे राजनीतिक तापमान बढ़ता जा रहा है।
- ताजा बयान में भाजपा के सहयोगी निषाद पार्टी के अध्यक्ष और योगी सरकार में मत्स्य विकास मंत्री डॉ.
- संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी को लेकर बड़ा दावा किया है।
- उन्होंने कहा कि सपा के दो दर्जन से अधिक सांसद उनके संपर्क में हैं और राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए कई नेता संपर्क सा…
लखनऊ। संसद के मानसून सत्र से पहले उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी और दावों का दौर तेज हो गया है। विभिन्न दलों के नेताओं द्वारा विपक्षी दलों में टूट के दावे लगातार सामने आ रहे हैं, जिससे राजनीतिक तापमान बढ़ता जा रहा है।
ताजा बयान में भाजपा के सहयोगी निषाद पार्टी के अध्यक्ष और योगी सरकार में मत्स्य विकास मंत्री डॉ. संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि सपा के दो दर्जन से अधिक सांसद उनके संपर्क में हैं और राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए कई नेता संपर्क साध रहे हैं।
विपक्ष में टूट के दावों पर सियासी घमासान
इससे पहले भी यूपी की राजनीति में समाजवादी पार्टी में कथित टूट को लेकर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने बयान दिया था। हालांकि उनके दावों को सपा प्रमुख अखिलेश यादव, शिवपाल सिंह यादव और कई अन्य नेताओं ने सिरे से खारिज कर दिया था।
अब संजय निषाद के बयान ने एक बार फिर इस राजनीतिक बहस को हवा दे दी है।
मंत्री संजय निषाद का बयान
मीडिया से बातचीत में मंत्री संजय निषाद ने कहा कि विपक्ष लंबे समय से सत्ता से बाहर है और ऐसे में कई नेता विकास की संभावनाओं को देखते हुए सरकार के संपर्क में रहते हैं। उन्होंने दावा किया कि सपा के कई नेता और सांसद उनसे लगातार संवाद में हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ सांसद केंद्र और राज्य की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने की इच्छा रखते हैं।
पहले भी उठ चुके हैं ऐसे दावे
इससे पहले ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया था कि समाजवादी पार्टी में जल्द बड़ी टूट देखने को मिल सकती है। उन्होंने कहा था कि सपा नेतृत्व के कुछ लोगों को छोड़कर अधिकांश नेता पार्टी से अलग होने के लिए तैयार हैं।
हालांकि इन सभी दावों पर समाजवादी पार्टी लगातार खंडन करती रही है और इन्हें राजनीतिक बयानबाजी करार देती रही है।
सियासी बयानबाजी तेज
इन लगातार बयानों के बाद यूपी की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी और सरकार समर्थित नेताओं के बीच सोशल मीडिया और मीडिया प्लेटफॉर्म पर जुबानी जंग जारी है, जिससे राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.





























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.