अखिलेश का योगी सरकार पर हमला, बोले - 'कुर्सी हिलते ही भाषा कम्युनल हो जाती है'

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव शुक्रवार को बरेली पहुंचे, जहां एयरपोर्ट पर सपा नेताओं ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने नैनीताल हाईवे स्थित होटल में बहेड़ी के सपा विधायक अताउर रहमान की बेटी की शादी में शामिल होकर समारोह में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत भी की।
अखिलेश यादव ने कहा कि शादी-ब्याह जैसे सामाजिक समारोहों में पार्टी के लोगों को आमजन और कार्यकर्ताओं से मिलने का अवसर मिलता है।
स्कूलों में वंदे मातरम को अनिवार्य किए जाने पर टिप्पणी
स्कूलों में वंदे मातरम को अनिवार्य करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि “योगी जी की कुर्सी हिलते ही उनकी भाषा कम्युनल हो जाती है। जब उन्हें डर लगता है कि कुर्सी जाएगी तो उनका व्यवहार बदल जाता है। उन्हें इतिहास की कोई समझ नहीं, सिर्फ समाज को बांटना है। सपा विजन के साथ आगे बढ़ रही है।”
दिल्ली ब्लास्ट और स्थानीय प्रशासन पर निशाना
दिल्ली में हुए ब्लास्ट पर अखिलेश यादव ने कहा कि स्वतंत्रता का प्रतीक स्थल भी सुरक्षित नहीं रह पाया। बरेली में 26 सितंबर को हुए हंगामे को प्रशासन की नाकामी बताया और जिले के डीएम पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “जिलाधिकारी भाजपा के जिलाध्यक्ष बनकर काम कर रहे थे। जब अधिकारी और आयोग किसी पार्टी के हो जाएं तो लोकतंत्र कैसे मजबूत होगा।”
भाजपा पर हमला
अखिलेश ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह भूमाफिया हैं। उन्होंने कहा कि इकाना स्टेडियम का नाम बदल दिया गया, बिजली महंगी कर दी गई, गरीबों की शादी-ब्याह मुश्किल हो गई। भाजपा जमीन और सोना अपने फायदे के लिए ले रही है।
बुलडोजर संस्कृति की आलोचना
शाहजहांपुर में हुई ध्वस्तीकरण कार्रवाई पर उन्होंने कहा कि “बुलडोजर संस्कृति को कोई स्वीकार नहीं कर सकता। सुप्रीम कोर्ट भी इसे सही नहीं मानता। यह समाधान नहीं है।”
बिहार चुनाव और लोकसभा चुनाव पर बयान
बिहार चुनाव के बारे में अखिलेश ने कहा कि तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव में अधिकारियों की बेईमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर जिम्मेदार लोग न्यायप्रिय होते तो भाजपा दिल्ली में सरकार नहीं बना पाती।
सपा कार्यकर्ताओं से मिलने की बाधा
शादी समारोह में सपा कार्यकर्ता होटल में पहुंचे, लेकिन सुरक्षा कारणों से केवल वरिष्ठ पदाधिकारी ही अखिलेश यादव से मिल सके। इसके बाद वह सीबीगंज स्थित फार्म हाउस पर भी गए, लेकिन बड़ी संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं से नहीं मिल पाए।
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