अखिलेश यादव का बीजेपी पर हमला, बोले- अधिकारी राजनीतिक कार्यकर्ता न बनें, वरना जाएंगे जेल

HIGHLIGHTS
- अखिलेश यादव ने शिक्षक और स्नातक निर्वाचन में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए।
- उन्होंने डीआईओएस और बीएसए पर शिक्षकों को फोन के जरिए धमकाने के आरोप लगाए।
- मतदाता सूची तक बीजेपी नेताओं की पहुंच को लेकर उन्होंने सवाल खड़े किए।
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने श्रद्धा दुबे के मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर सिस्टम सही तरीके से काम करे तो कई बड़े अधिकारियों के नाम सामने आ सकते हैं। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी के लोग श्रद्धा और आस्था के साथ भी खिलवाड़ करते हैं। हालांकि, उन्होंने इस मामले में किसी अधिकारी का नाम नहीं लिया।
उन्होंने कहा कि श्रद्धा दुबे पर कार्रवाई सरकार को बचाने के लिए की जा रही है। उन्होंने इसकी तुलना बिकरू कांड के विकास दुबे की कार पलटने की घटना से की। अखिलेश यादव ने एलडीए में भ्रष्टाचार को लेकर भी सरकार को घेरा।
राजनीतिक कार्यकर्ता न बनें अधिकारी, वरना जाएंगे जेल: अखिलेश
अखिलेश यादव काकोरी में मलिहाबाद विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रत्याशी सोनू कनौजिया के पिता स्वर्गीय राम गोपाल कनौजिया के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने बीजेपी पर चुनावों में हेराफेरी और धांधली करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन में शिक्षा विभाग के अधिकारियों को डराने-धमकाने और बेईमानी करने की जिम्मेदारी दी जा रही है। उनके मुताबिक, डीआईओएस और बीएसए फोन के जरिए शिक्षकों को धमका रहे हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि पर्याप्त प्रमाण मिलने पर ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजा जा सकता है। उन्होंने चुनाव आयोग से यह सुनिश्चित करने की अपील की कि चुनाव में कोई हेराफेरी न हो और मतदान निष्पक्ष तरीके से कराया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे अपनी जिम्मेदारी निभाएं और राजनीतिक कार्यकर्ता बनने से बचें, अन्यथा उन्हें जेल जाना पड़ सकता है। अखिलेश यादव ने दावा किया कि सरकार बदलने पर शिक्षा विभाग में कथित लूट में शामिल लोगों को जेल जाना तय है।
वोटर लिस्ट बीजेपी के नेताओं के पास कैसे पहुंची: अखिलेश
अखिलेश यादव ने मतदाता सूची को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट आम लोगों के पास नहीं है, लेकिन बीजेपी के मंत्रियों और नेताओं के पास मौजूद है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर उन्हें यह सूची कैसे मिली।
उन्होंने आशंका जताई कि इसके लिए किसी कंपनी को काम पर लगाया गया होगा, तभी मंत्रियों की आवाज में फोन कॉल किए जा रहे हैं। अखिलेश यादव के मुताबिक, बिना डेटा हासिल किए इस तरह की कॉलिंग संभव नहीं है।
उन्होंने समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने की सलाह दी और कहा कि बीजेपी पर धांधली करने के आरोप लगते रहे हैं। उन्होंने बताया कि पार्टी के पास अयोध्या और फैजाबाद के चुनावों की रिकॉर्डिंग मौजूद है। साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं से वॉयस कॉलिंग की रिकॉर्डिंग भी सुरक्षित रखने की अपील की।
शिक्षक और स्नातक निर्वाचन के प्रत्याशियों के समर्थन की अपील
अखिलेश यादव ने शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों के नाम भी बताए। उन्होंने स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से आगरा-अलीगढ़ खंड में शशांक यादव, लखनऊ से कांति सिंह, इलाहाबाद-झांसी खंड से डॉ. मान सिंह, वाराणसी-मिर्जापुर खंड से आशुतोष सिन्हा और मेरठ-सहारनपुर खंड से प्रमेंद्र सिंह को पार्टी का प्रत्याशी बताया।
वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से आगरा-अलीगढ़ खंड में डॉ. आकाश अग्रवाल, लखनऊ खंड से सुशील पटेल, गोरखपुर-फैजाबाद से डॉ. संजयन त्रिपाठी, बरेली-मुरादाबाद से हाजी मोहम्मद दानिश अख्तर, वाराणसी-मिर्जापुर से लाल बिहारी यादव और मेरठ-गाजियाबाद खंड से नितिन तोमर को उम्मीदवार बताया।
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से सभी प्रत्याशियों को जिताने तथा उनकी मदद करने की अपील की।
बीजेपी पर श्रद्धा और आस्था से खिलवाड़ करने का आरोप
अखिलेश यादव ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के लोग केवल अपनी सरकार बचाने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि जो भेदभाव करता है, वह सनातनी नहीं हो सकता। उनके मुताबिक, बीजेपी के लोग श्रद्धा और आस्था दोनों के साथ खिलवाड़ करते हैं।
उन्होंने दावा किया कि इस बार जनता मुख्यमंत्री की कुर्सी छीनने जा रही है। अखिलेश यादव ने आजम खां का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने उनके साथ बड़े पैमाने पर अन्याय किया है।
उन्होंने कहा कि पूरा देश जानता है कि जब बीजेपी चुनाव में हारने लगती है, तो वह चुनाव आयोग से मिल जाती है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.

Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.