AI ट्रेनिंग के लिए कंटेंट इस्तेमाल करने पर मेटा का यू-टर्न, विवादित शर्त हटाई

HIGHLIGHTS
- मेटा ने 17 अक्टूबर को अपनी व्यावसायिक शर्तों से विवादित प्रावधान हटा दिया।
- हटाई गई शर्त में कुछ वेबसाइटों की सामग्री के इस्तेमाल का उल्लेख था।
- विशेषज्ञों ने बिना भुगतान कंटेंट के एआई ट्रेनिंग में इस्तेमाल होने की आशंका जताई थी।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में आगे बढ़ने की कोशिशों के बीच दिग्गज टेक कंपनी मेटा को अपनी व्यावसायिक शर्तों में बदलाव करना पड़ा है। न्यूज वेबसाइट्स और बिजनेस पेजों के कंटेंट के इस्तेमाल से जुड़े विवादित प्रावधान को कंपनी ने आलोचनाओं और पब्लिशर्स के विरोध के बाद हटा दिया है। शनिवार, 17 अक्टूबर को किए गए इस बदलाव के बावजूद मेटा ने स्पष्ट किया कि इससे उसकी वेब क्रॉलिंग प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं हुआ है और वेबसाइटों के कंटेंट के इस्तेमाल के अधिकार भी नहीं बढ़े हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, मेटा ने अपने कमर्शियल टर्म्स से उस प्रावधान को हटा दिया, जिसकी भाषा पर सवाल उठाए जा रहे थे। यह शर्त कंपनी के व्यावसायिक नियमों वाले पेज पर शामिल की गई थी। इसमें कहा गया था कि मेटा कुछ डोमेन, वेब पेज या यूआरएल से प्राप्त सामग्री का उपयोग अपने उत्पादों, सेवाओं और फीचर्स को विकसित करने, उनमें सुधार करने, रिसर्च करने और एआई मॉडल्स को ट्रेन करने के लिए कर सकती है।
वेब स्क्रैपिंग को लेकर क्यों उठा विवाद?
दुनिया भर में बड़ी संख्या में न्यूज वेबसाइट्स, मीडिया संस्थानों और पब्लिशर्स के फेसबुक तथा इंस्टाग्राम पर बिजनेस अकाउंट हैं। इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए वे अपनी खबरें और लेख पाठकों तक पहुंचाते हैं। मेटा की नई शर्त को लेकर आशंका जताई गई कि कंपनी इन वेबसाइटों की मूल सामग्री का इस्तेमाल बिना भुगतान या रॉयल्टी दिए अपने एआई मॉडल्स की ट्रेनिंग के लिए कर सकती है।
इससे यह चिंता भी सामने आई कि यदि मेटा का एआई खबरों और लेखों से जानकारी लेकर फेसबुक या इंस्टाग्राम पर ही यूजर्स के सवालों के जवाब देने लगे, तो लोग मूल न्यूज वेबसाइट्स पर जाना कम कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में पब्लिशर्स की वेबसाइटों पर आने वाले ट्रैफिक और विज्ञापनों से होने वाली कमाई प्रभावित हो सकती है।
यह मुद्दा न्यूज पब्लिशर्स के लिए खास महत्व रखता है, क्योंकि उनकी वेबसाइटों पर प्रकाशित खबरें, इंटरव्यू और विश्लेषण एआई मॉडल्स को प्रशिक्षित करने में इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
विशेषज्ञों ने किन बातों पर जताई आपत्ति?
नीमन लैब और कॉर्नेल यूनिवर्सिटी में डिजिटल एवं सूचना कानून के प्रोफेसर जेम्स ग्रिमेलमैन समेत कई विशेषज्ञों ने इस प्रावधान को लेकर चिंता जताई थी। उनका मानना था कि शर्तों की व्यापक व्याख्या के कारण मेटा वेबसाइटों की सामग्री को बिना भुगतान एआई ट्रेनिंग में इस्तेमाल कर सकती है।
इस विवाद का एक अन्य पहलू वेबसाइटों की robots.txt फाइल से जुड़ा था। वेबसाइट संचालक इस फाइल के माध्यम से ऑटोमेटेड बॉट्स और वेब क्रॉलर्स को अपनी साइट के डेटा तक पहुंचने से रोकने या सीमित करने के निर्देश देते हैं। विशेषज्ञों को आशंका थी कि मेटा की नई शर्तों की भाषा इस तरह की पाबंदियों को दरकिनार करने का रास्ता दे सकती है।
विरोध के बाद मेटा ने दी सफाई
विवाद सामने आने के बाद टेक जगत, मीडिया संस्थानों और डिजिटल पब्लिशर्स के बीच इस प्रावधान को लेकर विरोध बढ़ गया। मेटा पर अपनी ताकत का इस्तेमाल करने और पत्रकारों की मेहनत से तैयार सामग्री का लाभ उठाने के आरोप लगे। इसके साथ ही यह सवाल भी उठा कि क्या टेक कंपनियां बिना अनुमति और भुगतान के किसी की भी सामग्री का इस्तेमाल कर सकती हैं।
लगातार हो रही आलोचना के बीच मेटा ने 17 अक्टूबर को अपनी व्यावसायिक शर्तों से विवादित प्रावधान हटा दिया।
कंपनी के प्रवक्ता ने सफाई देते हुए कहा कि नई शर्तों का गलत अर्थ निकाला गया था। उनके अनुसार, ये प्रावधान विज्ञापन और बिजनेस टूल्स को बेहतर बनाने के उद्देश्य से थे, न कि न्यूज वेबसाइटों का डेटा चुराने के लिए। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि वेब क्रॉलिंग की मौजूदा प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया गया है और कंपनी पब्लिशर्स की निजता का सम्मान करती है।
मेटा के कम्युनिकेशन वाइस प्रेसिडेंट एंडी स्टोन ने भी कहा कि कंपनी के वेब क्रॉलर्स के इस्तेमाल के तरीके में कोई बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने इसके विपरीत किए जा रहे दावों को गलत बताया।
एआई ट्रेनिंग के लिए डेटा के इस्तेमाल पर पहले भी विवाद
एआई कंपनियां अपने मॉडल्स को बेहतर बनाने के लिए इंटरनेट पर उपलब्ध बड़ी मात्रा में डेटा का इस्तेमाल करती हैं। हालांकि, किसी जानकारी का सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होना अपने आप में यह सुनिश्चित नहीं करता कि उसका इस्तेमाल बिना किसी शर्त के किया जा सकता है। कॉपीराइट, निजता और डेटा के इस्तेमाल की अनुमति जैसे सवाल इस मुद्दे को जटिल बनाते हैं।
उदाहरण के तौर पर, एलन मस्क की कंपनी एक्सएआई अपने ग्रोक चैटबॉट की ट्रेनिंग के लिए एक्स पर सार्वजनिक पोस्ट का इस्तेमाल करती है। मेटा भी 18 वर्ष से अधिक उम्र के यूजर्स की सार्वजनिक रूप से साझा की गई सामग्री का इस्तेमाल एआई ट्रेनिंग के लिए करती है। इन प्रक्रियाओं को लेकर डेटा के इस्तेमाल और यूजर्स की सहमति से जुड़े सवाल उठते रहे हैं।
पिछले साल मेटा ने कॉपीराइट उल्लंघन के आरोपों से जुड़े एक बड़े मुकदमे में जीत हासिल की थी। हालांकि, एआई कंपनियों के खिलाफ इसी तरह के अन्य मामले अब भी चल रहे हैं। इन विवादों में प्रत्येक मामले के तथ्य और कानूनी स्थिति अलग हो सकती है।
WeTransfer भी बदल चुका है अपनी शर्तें
एआई ट्रेनिंग के लिए यूजर्स की सामग्री इस्तेमाल करने को लेकर विवाद केवल मेटा तक सीमित नहीं है। जुलाई 2025 में फाइल शेयरिंग सेवा वीट्रांसफर ने भी अपनी सेवा शर्तों में बदलाव किया था। उस समय कंपनी की शर्तों से यह संकेत मिला था कि यूजर्स की अपलोड की गई फाइलों का इस्तेमाल मशीन लर्निंग मॉडल्स को बेहतर बनाने के लिए किया जा सकता है।
इस प्रावधान पर आपत्ति जताए जाने के बाद वीट्रांसफर ने अपनी शर्तों से मशीन लर्निंग और एआई का उल्लेख हटा दिया था।
मेटा से जुड़ा यह विवाद एक बार फिर इस सवाल को सामने लाता है कि एआई मॉडल्स को बेहतर बनाने के लिए टेक कंपनियां इंटरनेट पर उपलब्ध सामग्री का इस्तेमाल किस सीमा तक कर सकती हैं। वेबसाइट संचालकों और न्यूज पब्लिशर्स के लिए यह समझना महत्वपूर्ण है कि उनकी सामग्री का इस्तेमाल किस तरह हो रहा है, उस पर उनका कितना नियंत्रण है और वे अपनी शर्तों को किस तरह लागू कर सकते हैं।
फिलहाल मेटा ने विवादित प्रावधान हटा दिया है। कंपनी का कहना है कि उसकी वेब क्रॉलिंग प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि, एआई ट्रेनिंग, कॉपीराइट और ऑनलाइन सामग्री के इस्तेमाल को लेकर टेक कंपनियों तथा कंटेंट निर्माताओं के बीच बहस जारी रहने की संभावना है।
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