शेयर बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स 650 अंक से ज्यादा उछला, निफ्टी 23,000 पार

HIGHLIGHTS
- शुरुआती कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले 18 पैसे मजबूत होकर 94.73 पर पहुंचा।
- ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.43 फीसदी बढ़कर 110.34 डॉलर प्रति बैरल हो गई।
- निफ्टी आईटी में 2.03 फीसदी की तेजी दर्ज की गई, जबकि पीएसयू बैंक और मेटल सेक्टर भी बढ़त में रहे।
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को कारोबार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 650 अंकों से अधिक उछलकर 74,518 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी ने भी 23,000 का अहम स्तर पार किया और 23,053.15 पर कारोबार करता नजर आया। इस दौरान रुपया भी डॉलर के मुकाबले 18 पैसे मजबूत होकर 94.73 पर पहुंच गया।
सेंसेक्स और निफ्टी में कितनी तेजी आई?
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 665.10 अंक की बढ़त के साथ 74,518 पर पहुंचा, जबकि निफ्टी 188.40 अंक चढ़कर 23,077.35 के स्तर पर आ गया। अल्ट्राटेक सीमेंट और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में करीब दो फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई। इससे पहले सोमवार को निफ्टी 50 में गिरावट देखने को मिली थी और यह 257 अंक यानी 1.11 फीसदी टूटकर 22,889 पर बंद हुआ था।
बुधवार को बाजार में आई तेजी के पीछे भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बढ़ती उम्मीदों को एक प्रमुख वजह माना जा रहा है। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल बाजार पर दबाव बनाए रख सकते हैं।
कच्चे तेल और वैश्विक बाजारों की स्थिति
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 1.43 फीसदी की बढ़त के साथ 110.34 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। अमेरिकी शेयर बाजार के वायदा कारोबार में मिला-जुला रुख देखने को मिला। डाऊ जोंस वायदा 0.05 फीसदी और एसएंडपी 500 वायदा 0.28 फीसदी ऊपर था, जबकि नैस्डैक वायदा 0.02 फीसदी की गिरावट में रहा।
इस बीच, बहुप्रतीक्षित जियो आईपीओ भी खुदरा निवेशकों के लिए सब्सक्रिप्शन के लिए खुल रहा है। बाजार के प्रतिभागियों की नजर इस पेशकश के साथ दूसरी तिमाही के आय संबंधी आंकड़ों पर भी बनी हुई है।
बाजार में तेजी के पीछे क्या वजहें हैं?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार के मुताबिक, आय वृद्धि में सुधार और लार्ज-कैप शेयरों का उचित मूल्यांकन बाजार को समर्थन दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि घरेलू स्तर पर मजबूत तरलता गिरावट के दौरान बाजार को सहारा दे सकती है।
उनके अनुसार, आईटी और बैंकिंग शेयरों ने पहले कमजोर प्रदर्शन किया था, लेकिन दूसरी तिमाही में बेहतर नतीजे दिए हैं। ऐसे में बाजार में गिरावट आने पर घरेलू संस्थागत निवेशक इन शेयरों में खरीदारी कर सकते हैं।
बाजार पर दबाव डालने वाले कारक
वीके विजयकुमार ने कहा कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल बाजार के लिए चुनौती बने रह सकते हैं। निकट भविष्य में तेजी के दौरान बिकवाली का रुझान जारी रहने की आशंका है, इसलिए बाजार में सतर्कता बनी रह सकती है।
हालांकि, बाहरी चुनौतियों के बावजूद उन्होंने इसे शेयरों के चयन पर केंद्रित बाजार बताया। आने वाले समय में बाजार की चाल अलग-अलग शेयरों के प्रदर्शन और कंपनियों की आय के आंकड़ों से अधिक प्रभावित हो सकती है।
किन सेक्टर और शेयरों में रही बढ़त?
बुधवार को ज्यादातर क्षेत्रीय सूचकांक बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। निफ्टी आईटी में 2.03 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। इसके बाद निफ्टी पीएसयू बैंक 0.74 फीसदी और निफ्टी मेटल 0.70 फीसदी चढ़ा। वहीं, निफ्टी मीडिया 0.15 फीसदी गिरावट के साथ लाल निशान में रहने वाला प्रमुख क्षेत्रीय सूचकांक रहा।
निफ्टी 50 के शेयरों में इंफोसिस 2.47 फीसदी की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज में 2.08 फीसदी और अल्ट्राटेक सीमेंट में 1.96 फीसदी की तेजी आई। दूसरी ओर, बजाज फाइनेंस 2.32 फीसदी गिरकर सबसे ज्यादा नुकसान में रहा, जबकि बजाज फिनसर्व में 0.49 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
निफ्टी के लिए अहम स्तर कौन से हैं?
बाजार विश्लेषक विपिन डिक्सना के अनुसार, निफ्टी के लिए 23,000 से 23,100 का दायरा तत्काल प्रतिरोध क्षेत्र है। वहीं, 22,800 से 22,700 का स्तर महत्वपूर्ण समर्थन क्षेत्र बना हुआ है।
निवेशकों की नजर अब दूसरी तिमाही के आय के आंकड़ों, कच्चे तेल की कीमतों और भारत-अमेरिका के प्रस्तावित व्यापार समझौते से जुड़े घटनाक्रमों पर रहेगी। इन कारकों से बाजार की आगे की दिशा प्रभावित हो सकती है।
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