सिद्धिविनायक मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की होगी जांच, फडणवीस ने दिए निर्देश

HIGHLIGHTS
- मुख्यमंत्री ने मंदिर के पिछले पांच वर्षों के सभी दस्तावेजों की जांच के निर्देश दिए।
- सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के प्रतिनिधिमंडल ने 2023 से 2026 तक के चढ़ावे का विवरण दिया।
- राज ठाकरे ने हर साल करीब 18 करोड़ रुपये के गबन का आरोप लगाया था।
मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में चढ़ावे की राशि में कथित गड़बड़ी के मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने मंदिर से जुड़े पिछले पांच वर्षों के सभी दस्तावेजों की जांच करने को कहा है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
राज ठाकरे के आरोपों के बाद जांच के आदेश
मुख्यमंत्री का यह निर्देश महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद आया है। राज ठाकरे ने दावा किया था कि मंदिर में आने वाले चढ़ावे में से हर साल करीब 18 करोड़ रुपये का गबन किया जा रहा है।
इस मामले के सामने आने के बाद मंदिर के नौ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया था। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की थी।
अधिकारियों के मुताबिक, सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री फडणवीस से मुलाकात की थी। प्रतिनिधिमंडल ने वर्ष 2023 से 2026 के बीच मंदिर में प्राप्त चढ़ावे की राशि का पूरा विवरण मुख्यमंत्री के सामने रखा।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए। अधिकारियों ने बताया कि फडणवीस ने जांच रिपोर्ट जल्द से जल्द प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए हैं।
शिंदे ने पहले भी स्वतंत्र जांच की मांग की थी
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पिछले महीने ही इस मामले में स्वतंत्र जांच की मांग की थी। उन्होंने अधिकारियों को जांच की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए थे।
राज ठाकरे ने क्या आरोप लगाए थे?
सिद्धिविनायक मंदिर के चढ़ावे को लेकर विवाद उस समय सामने आया, जब राज ठाकरे ने आरोप लगाया कि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई जाने वाली राशि में से हर साल करीब 18 करोड़ रुपये का गबन किया जा रहा है।
इसके बाद सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष और शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के नेता सदा सरवणकर ने बताया था कि कथित चोरी के मामले में मंदिर के नौ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है।






















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