खरगे के बयान पर अमित शाह का पलटवार, बोले- कांग्रेस के पास अब गाली-गलौज की राजनीति बची

HIGHLIGHTS
- पटना में खरगे की टिप्पणी के बाद राजनीतिक विवाद तेज
- अमित शाह ने कांग्रेस पर व्यक्तिगत टिप्पणियां करने का आरोप लगाया
- भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी खरगे के बयान की आलोचना की
- श्रीकृष्ण सिंह की जयंती के कार्यक्रम में टिप्पणी के बाद हुआ हंगामा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से पटना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर की गई टिप्पणी के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खरगे के बयान पर नाराजगी जताते हुए कांग्रेस को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता पहले भी प्रधानमंत्री मोदी और उनके परिवार के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कर चुके हैं। शाह के मुताबिक, लगातार चुनावी हार से कांग्रेस में हताशा बढ़ी है और अब पार्टी की राजनीति में मुद्दों के बजाय व्यक्तिगत टिप्पणियां प्रमुख हो गई हैं।
खरगे की टिप्पणी पर अमित शाह ने क्या कहा?
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के जरिए खरगे की टिप्पणी की आलोचना की। उन्होंने लिखा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पटना में मोदी जी के पिता के बारे में अभद्र टिप्पणी कर सभी मर्यादाएं तोड़ दी हैं। शाह ने कहा कि यह पहली बार नहीं है, जब कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी या उनके परिवार के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया हो।
उन्होंने आरोप लगाया कि कभी प्रधानमंत्री की मां के बारे में अपशब्द कहे गए, कभी उन्हें ‘मौत का सौदागर’ कहा गया और कभी ‘चायवाला’ कहकर उनकी गरीबी का मजाक उड़ाया गया। शाह ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी हर दिन अभद्रता की सीमाएं पार कर रही है।
कांग्रेस की राजनीति पर भी साधा निशाना
केंद्रीय गृह मंत्री ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों से लगातार चुनावी हार का सामना करने के कारण पार्टी में हताशा और निराशा बढ़ गई है। उनके अनुसार, कांग्रेस के पास अब न कोई नीति बची है और न ही कोई मुद्दा, बल्कि गाली-गलौज की राजनीति ही रह गई है। शाह ने दावा किया कि जनता के बीच अपना जनाधार खोने के बाद कांग्रेस अब अपने कार्यकर्ताओं के बीच भी समर्थन खो रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि जब-जब कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी या उनके परिवार को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं, तब-तब जनता ने पार्टी को करारा जवाब दिया है।
वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी एक्स पर पोस्ट कर खरगे की टिप्पणी की आलोचना की। उन्होंने लिखा कि पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति जिस तरह की अमर्यादित और असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया, वह कांग्रेस के वैचारिक दिवालियापन को दर्शाता है।
नवीन ने कहा कि राजनीतिक विरोध की भी एक मर्यादा होती है, लेकिन सार्वजनिक मंचों से दिवंगत परिजनों को भाषणों में शामिल करना राहुल गांधी और पूरे विपक्ष का असली ‘संस्कार’ बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि खरगे का बयान केवल उनकी व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं, बल्कि पूरी कांग्रेस की शिष्टाचार-विहीन सोच को दर्शाता है।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि जब विपक्ष के पास देश के विकास, नीतियों और जनकल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा करने के लिए ठोस मुद्दे नहीं होते, तो वह हताशा में व्यक्तिगत आरोपों का सहारा लेता है। उन्होंने कहा कि देश की जनता इस तरह की राजनीति को देख रही है और समय आने पर इसका जवाब देगी।
क्या है पूरा मामला?
बिहार की राजधानी पटना में रविवार को बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान उस समय हंगामा हो गया, जब खुद को कांग्रेसी बताने वाले एक युवक ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के संबोधन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर टिप्पणी की।
युवक ने कथित तौर पर कहा कि इस तरह की लड़ाई से प्रधानमंत्री मोदी सत्ता से नहीं हटने वाले। इस पर खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी, जिसके बाद कार्यक्रम में हंगामा शुरू हो गया। इस दौरान कुछ लोगों ने युवक के साथ हाथापाई भी की।
बताया जा रहा है कि युवक छपरा का रहने वाला है। वह खरगे को समझाने की कोशिश कर रहा था कि इस तरह की राजनीतिक लड़ाई से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता से नहीं हटाया जा सकेगा। इसी बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और कार्यक्रम में हंगामे की स्थिति बन गई।
कार्यक्रम में खरगे ने चुनाव प्रक्रिया, ईवीएम, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की विचारधारा पर भी अपनी बात रखी।
कांग्रेस अध्यक्ष ने मांग की कि देश में सभी चुनाव बैलेट पेपर के जरिए कराए जाएं और एसआईआर की प्रक्रिया तत्काल रोकी जाए। उन्होंने पिछले दो वर्षों में हुए विधानसभा चुनावों को रद्द करने की मांग भी उठाई।
खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने अगले 30 वर्षों तक अपनी सरकार के बने रहने की बात कही थी। खरगे ने कहा, “अगले 30 साल तक कौन बचेगा या रहेगा, यह किसने देखा है? वे ऐसा लोगों को भ्रमित करने के लिए कहते हैं। उनके पास ईवीएम है। जब तक अपने चेलों को उन्होंने वहां पर बैठाया है, उसी आधार पर वे ऐसा बयान देते हैं। उन्हीं के लोगों ने कहा है कि सीईसी में घपला है।”
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