अंकिता भंडारी केस: इंडिया गेट पर रातभर प्रदर्शन, माता-पिता हिरासत में लेने के बाद रिहा

HIGHLIGHTS
- इंडिया गेट पर रातभर चले प्रदर्शन के बाद सुबह 3:45 बजे कई लोगों को हिरासत में लिया गया।
- अंकिता के माता-पिता को सुबह 6 बजे रिहा कर दिया गया।
- परिवार ने दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर रोक लगाने की मांग की।
उत्तराखंड के अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर दिल्ली के इंडिया गेट पर रातभर प्रदर्शन चला। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने सीआरपीएफ के साथ मिलकर सुबह 3:45 बजे अंकिता के माता-पिता, विपक्षी नेताओं और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। सभी प्रदर्शनकारियों को तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन में रखा गया है। अंकिता के माता-पिता को भी हिरासत में लिया गया था, लेकिन करीब दो घंटे बाद सुबह 6 बजे उन्हें रिहा कर दिया गया।
हिरासत में लिए जाने के बाद अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने चेतावनी दी कि यदि उनकी बेटी को न्याय नहीं मिला, तो देशभर में आंदोलन किया जाएगा।
'न्याय नहीं मिला तो पूरे देश में होगा प्रदर्शन'
दिल्ली पुलिस की हिरासत में लिए जाने के बाद अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि उनकी बेटी को न्याय मिलने तक देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी रहेंगे। उन्होंने कहा, "अगर न्याय नहीं मिला, तो मेरी बेटी को न्याय मिलने तक पूरे देश में प्रदर्शन होंगे। सबसे पहले हमारी मांग है कि दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द की जाए। अगर नियुक्ति रद्द नहीं होती है, तो हमें एक बार फिर पूरे देश में सड़कों पर उतरना पड़ेगा। मेरी बेटी को न्याय मिलना चाहिए।"
परिवार दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर रोक लगाने की मांग कर रहा है। उसका कहना है कि अंकिता हत्याकांड से जुड़े सवालों की जांच पूरी होने तक उनकी नियुक्ति को आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए।
इमरान प्रतापगढ़ी बोले- हिरासत से नहीं रुकेगी न्याय की लड़ाई
अंकिता भंडारी मामले को लेकर कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पहले भी अंकिता के साथ खड़ी थी, आज भी खड़ी है और आगे भी खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी देश की हर बेटी के लिए आवाज उठाती रहेगी।
प्रतापगढ़ी ने कहा, "कांग्रेस पार्टी कल भी अंकिता भंडारी के साथ खड़ी थी, आज भी खड़ी है और कल भी खड़ी रहेगी। वह देश की हर बेटी के लिए खड़ी रहेगी। हमारे सांसद खड़े रहेंगे। राहुल गांधी जी खड़े हुए, प्रियंका गांधी जी खड़ी हुईं।"
उन्होंने आगे कहा कि प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने से न्याय की लड़ाई समाप्त नहीं होगी। उनके मुताबिक, बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को जेल भेजकर विरोध की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
राहुल और प्रियंका गांधी भी पहुंचे थे इंडिया गेट
अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर इंडिया गेट पर प्रदर्शन कर रहे परिवार के समर्थन में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी पहुंचे थे। दोनों नेताओं ने अंकिता की मां सोनी देवी और पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी से मुलाकात की। उन्होंने परिवार की बात सुनी और उनकी मांगों के बारे में जानकारी ली।
प्रदर्शन में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा, सांसद इमरान प्रतापगढ़ी, सुप्रिया श्रीनेत और सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना भी मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने मामले में न्याय सुनिश्चित करने और जांच से जुड़े सवालों के जवाब देने की मांग उठाई।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रोकने की अपील
अंकिता के माता-पिता ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। परिवार का कहना है कि उनकी बेटी की हत्या से जुड़े सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेंगे। ऐसे में जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम को राज्यपाल की जिम्मेदारी नहीं दी जानी चाहिए।
धरने के दौरान अंकिता की मां सोनी देवी भावुक हो गईं। उन्होंने राष्ट्रपति से परिवार की पीड़ा समझने और न्याय दिलाने के लिए कदम उठाने की गुहार लगाई। अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने भी नियुक्ति पर रोक लगाने की मांग की है।
नियुक्ति की खबर सामने आने के बाद शुरू हुआ विरोध
परिवार के मुताबिक, 12 अक्टूबर को दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने की खबर सामने आने के बाद उन्होंने विरोध शुरू किया। परिवार की मांग है कि अंकिता हत्याकांड से जुड़े सभी सवालों की जांच पूरी होने तक इस नियुक्ति को आगे न बढ़ाया जाए।
परिवार ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की जांच पूरी होने तक नियुक्ति पर रोक लगाने की मांग की है। इसी मांग को लेकर दिल्ली के इंडिया गेट पर प्रदर्शन किया गया।
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