बेंगलुरु केस में नया मोड़: बच्ची की मौत, मां फरार, प्रेमी गिरफ्तार

बेंगलुरु में छह वर्षीय बच्ची वेन्नेला की संदिग्ध मौत के मामले ने अब गंभीर मोड़ ले लिया है। करीब दो महीने पहले हुई इस घटना को अब पुलिस ने हत्या मानते हुए बड़ा कदम उठाया है। कडुगोडी पुलिस ने बच्ची की मां, पेशे से अधिवक्ता पी. प्रियंका और उसके करीबी दोस्त मोहन जी. महालिंगप्पा के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने मोहन को गिरफ्तार कर सात दिन की हिरासत में भेज दिया है, जबकि आरोपी मां प्रियंका अभी फरार बताई जा रही है।
जन्मदिन की रात से शुरू हुई कहानी पर गहराया शक
जांच के मुताबिक, घटना 24 मार्च की रात की है, जब प्रियंका अपना जन्मदिन मना रही थी। उसने परिवार को बताया था कि बेटी वेन्नेला ने उस दिन बिरयानी और आइसक्रीम खाई थी। इसके बाद बच्ची को कार में एसी चालू करके सुलाया गया और वह अपने दोस्त मोहन के साथ बाहर चली गई।
कुछ समय बाद लौटने पर बच्ची को घर लाकर बिस्तर पर सुला दिया गया। अगली सुबह वेन्नेला बेहोशी की हालत में मिली, जिसके बाद उसे तुरंत व्हाइटफील्ड के व्यदेही अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
शुरुआती जांच में फूड पॉइजनिंग, फिर हत्या की आशंका
शुरुआत में पुलिस ने इसे संदिग्ध मौत और संभावित फूड पॉइजनिंग का मामला माना था। लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में स्पष्टता न मिलने और मां के बयानों में विरोधाभास सामने आने के बाद जांच की दिशा बदल गई।
विसरा सैंपल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। इसी बीच जांच एजेंसियों को संदेह तब और बढ़ गया जब मोहन ने घटना के तुरंत बाद अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया।
पिता ने लगाए गंभीर आरोप
बच्ची के पिता प्रवीण बसप्पा, जो दावणगेरे के एक अंतरराष्ट्रीय स्कूल से जुड़े हैं, ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी की हत्या एक साजिश के तहत की गई। उनका कहना है कि प्रियंका और मोहन साथ रहने के लिए बच्ची को रास्ते से हटाना चाहते थे।
उन्होंने यह भी दावा किया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट उनकी डॉक्टर बहन को दिखाने पर हत्या की आशंका जताई गई, जिसमें शारीरिक हमले के संकेत बताए गए।
पारिवारिक विवाद और रिश्तों में दरार
प्रवीण के मुताबिक, 17 साल की शादी में दरार 2025 में उस समय आई जब प्रियंका एक कानूनी काम के लिए बेंगलुरु गई थी। वहीं उसकी मुलाकात मोहन से दोबारा हुई।
आरोप है कि मोहन खुद को बड़े रियल एस्टेट कारोबारी के रूप में पेश करता था। इसके बाद दोनों के रिश्ते गहरे होते गए और दिसंबर 2025 में उन्होंने गुपचुप शादी भी कर ली।
इसके बाद परिवार में तनाव बढ़ा और बड़ी बेटी पिता के साथ रहने लगी, जबकि छोटी वेन्नेला मां और मोहन के साथ सीगेहल्ली स्थित किराए के घर में रहती थी।
पुलिस जांच जारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पूरी नहीं थी, इसलिए तत्काल गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। बाद में सामने आए मेडिकल और परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर अदालत ने मोहन की अग्रिम जमानत रद्द कर दी।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.




























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.