ओवैसी पर जानलेवा हमला मामला: हापुड़ कोर्ट में हुई सांसद की गवाही

HIGHLIGHTS
- ओवैसी सुबह करीब साढ़े 10 बजे हापुड़ कचहरी पहुंचे।
- उनकी सुरक्षा के लिए कई थानों की पुलिस और अधिकारी तैनात रहे।
- कचहरी की छतों पर भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।
हापुड़। एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी बृहस्पतिवार को जानलेवा हमले के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (द्वितीय) शेष बहादुर की अदालत में सुनवाई के लिए पेश हुए। उनकी सुरक्षा को लेकर कचहरी परिसर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा।
इस दौरान बड़ी संख्या में हिंदु संगठन के लोग और भाजपाई भी कचहरी परिसर में पहुंचने लगे। पुलिस ने लोगों को परिसर से बाहर कर दिया। गवाही की प्रक्रिया पूरी होने के बाद असदुद्दीन ओवैसी न्यायालय से रवाना हो गए।
ओवैसी के अधिवक्ता ने बताया कि मुकदमे में यामीन माजिद और शौकत की गवाही पहले ही हो चुकी है। बृहस्पतिवार को ओवैसी की गवाही की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई। अधिवक्ता के अनुसार, मुकदमे में अभी करीब 40 से 45 गवाहों की गवाही होना बाकी है। मामले में अगली सुनवाई 8 सितंबर 2026 को होगी। निर्धारित तारीख पर शेष गवाहों की गवाही और अन्य न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
ओवैसी सुबह करीब साढ़े 10 बजे कचहरी पहुंचे। इस दौरान एएसपी विनीत भटनागर, सीओ अनीता चौहान समेत कई थानों की पुलिस ने कचहरी में कड़ी घेराबंदी कर दी। सुरक्षा के मद्देनजर छतों पर भी पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे।
इसी बीच बड़ी संख्या में हिंदु संगठनों से जुड़े लोग कचहरी परिसर में पहुंच गए। इसे देखते हुए पुलिस में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई और लोगों को परिसर से बाहर किया गया। इस दौरान भाजपाई भी पहुंचे, जिन्हें पुलिस ने समझाया। एक चैंबर में बैठे पुलिस इंस्पेक्टर को एएसपी ने फटकार भी लगाई।
2022 में छिजारसी टोल पर काफिले पर हुई थी फायरिंग
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर पिलखुवा क्षेत्र के छिजारसी टोल प्लाजा पर 3 फरवरी 2022 को जानलेवा हमला हुआ था। उस समय वह अपनी गाड़ी में सवार थे। मेरठ में चुनाव प्रचार से लौटते समय दिल्ली जा रहे ओवैसी के काफिले को टोल प्लाजा पर धीमा होना पड़ा था। इसी दौरान उनकी कार पर फायरिंग की गई थी।
पुलिस के अनुसार, घटना में चार राउंड गोली चलने की बात सामने आई थी और ओवैसी की कार पर गोली के निशान भी मिले थे।
पुलिस ने मामले में सचिन शर्मा और शुभम को गिरफ्तार किया था। बाद में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, जिसमें 60 गवाह बनाए गए थे। मामले की सुनवाई हापुड़ की अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (द्वितीय) की अदालत में चल रही है।
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