यूपी में प्रीपेड स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता खत्म, अब उपभोक्ता तय करेंगे मोड

यूपी: अब सभी बिजली कनेक्शन के लिए केवल स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे, जबकि प्रीपेड मोड की अनिवार्यता हटा दी गई है। यह बदलाव केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) द्वारा 1 अप्रैल 2026 को जारी नई अधिसूचना के माध्यम से लागू किया गया।
प्रदेश में वर्तमान में करीब 78 लाख स्मार्ट मीटर लगे हैं, जिनमें से लगभग 70 लाख प्रीपेड स्मार्ट मीटर हैं। पावर कार्पोरेशन ने नए विद्युत कनेक्शन पर पहले प्रीपेड स्मार्ट मीटर ही लगाए जा रहे थे, लेकिन अब उपभोक्ता अपनी सुविधा और इच्छा अनुसार पोस्टपेड या प्रीपेड मोड चुन सकेंगे।
उपभोक्ता परिषद का प्रयास सफल
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने प्रीपेड की अनिवार्यता का लंबे समय से विरोध किया। परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि संशोधित अधिसूचना जारी होने के बाद देशभर के विद्युत उपभोक्ताओं की मांगें मान ली गई हैं। अब स्मार्ट मीटर तो लगाए जाएंगे, लेकिन प्रीपेड मोड केवल तब लागू होगा जब उपभोक्ता इसकी सहमति देगा।
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री का बयान
संसद में उठाए गए सवालों के जवाब में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने स्पष्ट किया था कि प्रीपेड मीटर अनिवार्य नहीं हैं और यह पूरी तरह उपभोक्ता की पसंद पर निर्भर करता है।
नए नियम क्या कह रहे हैं?
नई अधिसूचना के तहत अब सभी क्षेत्रों में, जहां संचार नेटवर्क उपलब्ध है, बिजली कनेक्शन स्मार्ट मीटर के रूप में दिए जाएंगे। उपभोक्ता स्वयं तय करेंगे कि वह इसे प्रीपेड या पोस्टपेड मोड में इस्तेमाल करना चाहते हैं।
इस बदलाव के साथ अब उपभोक्ताओं को अपनी सुविधा और जरूरत के अनुसार मीटर मोड चुनने की पूरी स्वतंत्रता मिल गई है।
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