पेपर लीक के खिलाफ CJP जितना असरदार नहीं रहा कांग्रेस का प्रदर्शन: शशि थरूर

HIGHLIGHTS
- शशि थरूर ने माना कि कांग्रेस को अपने अभियान के कम असर पर आत्ममंथन करना चाहिए।
- CJP ने NEET-UG 2026 पेपर लीक के खिलाफ 20 जून से प्रदर्शन शुरू किया था।
- राहुल गांधी ने 17 जून को कोटा से ‘छात्रों की गूंज’ अभियान की शुरुआत की थी।
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने शुक्रवार को कहा कि कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) ने हाल में जिन मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया, वे कांग्रेस के छात्र संपर्क अभियान 'छात्रों की गूंज' में पहले ही उठाए जा चुके थे। हालांकि, उन्होंने माना कि कांग्रेस का यह अभियान CJP के प्रदर्शन की तरह प्रभाव नहीं छोड़ पाया।
शशि थरूर ने क्या कहा?
शशि थरूर ने मुंबई में इंडिया इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस (IIMUN) की 15वीं वर्षगांठ के मौके पर बातचीत में यह बात कही। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर CJP ने जिन मुद्दों को उठाया, कांग्रेस पहले ही उन पर बात कर चुकी थी।
थरूर ने बताया कि कांग्रेस के पास 'छात्रों की गूंज' अभियान था, जिसके तहत लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी छात्रों से पेपर लीक के मुद्दे पर बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने इस बात पर भी सहमति जताई कि कांग्रेस के छात्र संपर्क अभियान को CJP के प्रदर्शन जितना समर्थन नहीं मिला। थरूर ने कहा कि कांग्रेस को यह विचार करना चाहिए कि उससे कहां चूक हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पार्टी छात्रों की बात सुनने में असफल रही या वह जेन जी की नब्ज समझने में पीछे रह गई।
कब शुरू हुआ CJP का आंदोलन?
CJP ने NEET-UG 2026 पेपर लीक के विरोध में 20 जून से प्रदर्शन शुरू किया था। संगठन ने सरकार से जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी।
धीरे-धीरे यह प्रदर्शन देश के पहले जेन जी प्रदर्शन के तौर पर चर्चा में आया। शिक्षाविद और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने छात्रों की मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की, जिसके बाद आंदोलन और तेज हो गया। बाद में कई अन्य छात्र और कार्यकर्ता भी आंदोलन में शामिल हुए।
इसके बाद कॉकरेच जनता पार्टी ने 20 जुलाई को संसद मार्च का आह्वान किया। हालांकि, प्रस्तावित मार्च से कुछ दिन पहले वांगचुक को जंतर-मंतर स्थित प्रदर्शन स्थल से हटा दिया गया। 20 जुलाई को प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने कार्रवाई की। इसके बाद यह मुद्दा राजनीतिक विवाद का विषय बन गया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि वहां पैलेट गन और एके-47 का इस्तेमाल किया गया।
कांग्रेस ने कैसे किया प्रदर्शन?
पेपर लीक के मुद्दे पर आवाज उठाने वाले शुरुआती संगठनों में कांग्रेस का छात्र संगठन एनएसयूआई भी शामिल था। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, एनएसयूआई ने 12 मई को दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन किया था।
यह प्रदर्शन उस घटना के कुछ दिनों बाद हुआ था, जब पेपर लीक के आरोपों के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने NEET परीक्षा रद्द कर दी थी।
राहुल गांधी ने क्या कहा था?
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 17 जून को राजस्थान के कोटा से 'छात्रों की गूंज' अभियान की शुरुआत की थी। इसके बाद अभियान देहरादून पहुंचा, जहां राहुल गांधी ने परीक्षा में कथित अनियमितताओं से प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों से बातचीत की।
तीन शहरों में हुए इस अभियान का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी ने पहले कहा था कि कोटा में छात्रों के सपनों से फायदा उठाने वाली जबरन वसूली की व्यवस्था को उजागर किया गया। देहरादून में उन्होंने पेपर लीक के पीछे की उस व्यवस्था को सामने रखने की बात कही थी, जिसने कई जिंदगियों को प्रभावित किया।
उन्होंने प्रयागराज में रोजगार संकट की वास्तविकता को सामने रखने की बात भी कही थी।
राहुल गांधी ने यह भी कहा था कि देश के छात्र इस दमनकारी व्यवस्था के खिलाफ खड़े हो चुके हैं और अब खोखले वादों तथा नफरत से भरे प्रचार को स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने कहा था कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि छात्रों की आवाज पूरे देश में सुनी जाए।
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