मेरठ-बागपत की 248 फैक्ट्रियों को सीपीसीबी का नोटिस, लगाना होगा मॉनिटरिंग सिस्टम

यूपी। एनसीआर में बढ़ते वायु और जल प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) एक्शन में आ गया है। बोर्ड ने मेरठ की 110 और बागपत की 138 औद्योगिक इकाइयों को नोटिस भेजकर चिमनियों में ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम (OCEMS) अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए हैं। जिन इकाइयों में यह सिस्टम पहले से मौजूद है, उन्हें नए प्रोटोकॉल के अनुसार अपग्रेड करने के लिए कहा गया है। इस काम के लिए उद्योगों को 15 नवंबर तक का समय दिया गया है।
सीपीसीबी के नए नियमों के तहत अब सभी इकाइयों को प्रदूषण संबंधी डेटा सीधे बोर्ड के पोर्टल पर भेजना होगा। पहले यह डाटा एजेंसियों के माध्यम से भेजा जाता था। अब केंद्रीय स्तर पर 24 घंटे ऑनलाइन निगरानी रखी जाएगी, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि कौन सी इकाई से कितना उत्सर्जन या अपशिष्ट निकल रहा है और वह किस श्रेणी में आती है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालयों ने यह नोटिस औद्योगिक क्षेत्रों में पहुंचा दिए हैं। अब शुगर मिल, पेपर मिल, मेटल इंडस्ट्री, डिस्टिलरी, फूड प्रोसेसिंग और टेक्सटाइल यूनिट्स में भी यह मॉनिटरिंग सिस्टम लगाना जरूरी होगा। पहले केवल “लाल श्रेणी” के उद्योगों पर यह नियम लागू था, लेकिन अब इसे अन्य इकाइयों पर भी विस्तार दिया गया है।
प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी भुवन प्रकाश यादव ने बताया कि, “केंद्रीय बोर्ड के निर्देशों के अनुसार सभी उद्योगों को अपने ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम 15 नवंबर तक नए मानकों के अनुरूप लगाना या अपडेट करना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर आगे सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
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