तीन बीघा जमीन के लिए खूनी संघर्ष, मुजफ्फरनगर में पूर्व गन्ना समिति संचालक की गोली मारकर हत्या

HIGHLIGHTS
- मुजफ्फरनगर के पुरकाजी थाना क्षेत्र के नूरनगर गांव में तीन बीघा जमीन को लेकर विवाद हुआ।
- दो सगे भाइयों के परिवारों के बीच घर के बाहर गली में फायरिंग हुई।
- गोली लगने से तितावी गन्ना समिति के पूर्व संचालक कृष्णपाल (55) की मौत हो गई।
मुजफ्फरनगर। पुरकाजी थाना क्षेत्र के नूरनगर गांव में तीन बीघा जमीन को लेकर दो सगे भाइयों के परिवार आमने-सामने आ गए। घर के बाहर गली में हुई फायरिंग में तितावी गन्ना समिति के पूर्व संचालक कृष्णपाल (55) के सीने में गोली लग गई, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के दौरान चार राउंड फायरिंग होने से पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर एसएसपी संजय वर्मा मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मृतक के भाई एवं पूर्व प्रधान दीपचंद और उनके बेटे अंशुल को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया, जहां देर रात तक दोनों से पूछताछ जारी रही।
नूरनगर निवासी दिवंगत महेंद्र सिंह के बेटों दीपचंद और उनके छोटे भाई, गन्ना समिति के पूर्व चेयरमैन कृष्णपाल के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। सोमवार को दोनों पक्षों के बीच साझे के कृषि यंत्र के किराये के पैसों को लेकर कहासुनी शुरू हुई। विवाद बढ़ने पर दोनों ओर से लाइसेंसी हथियारों से फायरिंग हुई। इस दौरान कृष्णपाल के सीने में गोली लग गई। गंभीर हालत में उन्हें पुरकाजी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
दूसरे पक्ष के दीपचंद और उनके पुत्र अंशुल भी इस घटना में घायल हुए हैं। वारदात की सूचना पर एसएसपी संजय वर्मा और सीओ सदर राजू कुमार साव पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे और ग्रामीणों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। एसएसपी ने बताया कि मामले में दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। दोनों के घायल होने के कारणों की जांच की जा रही है। वहीं, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
समझौते के बाद भी खत्म नहीं हुआ विवाद
बताया गया कि कुछ दिन पहले हुए बंटवारे के दौरान रिश्तेदारों की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया गया था। समझौते के तहत पूर्व प्रधान दीपचंद के दिवंगत बेटे सुनील कुमार के नाम दर्ज तीन बीघा जमीन कृष्णपाल को दे दी गई थी। इसके बावजूद जमीन को लेकर दोनों परिवारों के बीच विवाद और तकरार जारी रही। सोमवार को कृषि यंत्र के किराये के पैसों को लेकर शुरू हुई कहासुनी जल्द ही जमीन के विवाद तक पहुंच गई और देखते ही देखते फायरिंग में बदल गई।
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