मुजफ्फरनगर में साइबर ठगी का भंडाफोड़, एलएलबी छात्र गिरफ्तार

मुजफ्फरनगर पुलिस और साइबर सेल ने एक बड़े साइबर ठग को गिरफ्तार किया है, जो चीन आधारित साइबर गिरोह के इशारे पर भारत में ऑनलाइन ठगी कर रहा था। आरोपी एलएलबी के छात्र ने पूछताछ में खुलासा किया कि वह इस नेटवर्क के तहत कई बैंक खातों का संचालन करता था।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी डमी बैंक अकाउंट 8–10 हजार रुपये में खरीदता और ठगी से प्राप्त रकम इन खातों में जमा करता। इसके बाद वह एटीएम, चेक बुक और डिजिटल वॉलेट के जरिए पैसे निकालकर क्रिप्टो करेंसी या टेलीग्राम पर चीन स्थित डिजिटल वॉलेट धारकों को ट्रांसफर करता। इसके बदले उसे करीब 5% कमीशन मिलता था। आरोपी रोजाना लगभग 10 हजार रुपये की कमाई कर रहा था।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 2 लाख रुपये नकद, 20 डेबिट/एटीएम कार्ड, 6–7 पासबुक, 6–7 चेक बुक, तीन मोबाइल फोन, चार सिम कार्ड और एक लैपटॉप बरामद किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी का एक भाई यूके में इस नेटवर्क से जुड़ा हुआ है और उसकी भी जांच की जा रही है।
शिकायत के 48 घंटे में गिरफ्तारी
भोपा थाना क्षेत्र के बाकरनगर गांव निवासी तौसीब ने 16 नवंबर 2025 को शिकायत दी थी कि किसी ने उनके मोबाइल को हैक कर उनके बैंक अकाउंट से पैसे निकाल लिए और बाद में फोटो–वीडियो के नाम पर ब्लैकमेल कर और रकम की मांग की। पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी निगरानी से पता चला कि पैसे एटीएम से निकाले जा रहे हैं। लगातार ट्रैकिंग के बाद पुलिस ने नोएडा में पढ़ाई कर रहे एलएलबी छात्र विनोद गोदारा (हनुमानगढ़, राजस्थान) को गिरफ्तार किया।
मिरर ऐप से हुआ था फोन हैक
एसपी ग्रामीण आदित्य बंसल ने बताया कि आरोपी गिरोह ने पीड़ित को एक लिंक भेजा और “टास्क पूरा करने पर पैसे” मिलने का लालच दिया। पहले भरोसा बनाने के लिए पीड़ित के खाते में 1,400 रुपये डाले गए। जब पीड़ित लिंक पर क्लिक कर रहा था, तब मिरर ऐप के जरिए उसका फोन हैक कर लिया गया और बैंक अकाउंट से पूरी रकम निकाल ली गई। कुछ रकम पीड़ित के दोस्तों के खातों के माध्यम से भी ट्रांसफर करवाई गई।
साइबर फ्रॉड से रोज 2 लाख रुपये का ट्रांसफर
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पिछले एक साल से इस नेटवर्क में शामिल है और रोजाना लगभग 2 लाख रुपये साइबर फ्रॉड से प्राप्त रकम को अलग-अलग खातों व क्रिप्टो वॉलेट्स के माध्यम से ट्रांसफर करता था। कुछ डिजिटल वॉलेट चीन से जुड़े हुए थे।
पूरा पैसा बरामद, नेटवर्क की तलाश जारी
एसपी ग्रामीण आदित्य बंसल ने बताया कि पीड़ित के 2 लाख रुपये पूरी तरह बरामद कर दिए गए हैं और उन्हें वापस किए जाएंगे। पुलिस अब अन्य सहयोगियों, अकाउंट प्रोवाइडर्स और डिजिटल वॉलेट ऑपरेटर्स की पहचान कर रही है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी।
राष्ट्रीय सुरक्षा का भी सवाल
एसपी ने चेताया कि साइबर फ्रॉड सिर्फ आर्थिक अपराध नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का भी मुद्दा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध लिंक, टास्क, ऑफर या कॉल पर भरोसा न करें और शक होने पर तुरंत पुलिस या साइबर सेल से संपर्क करें।
एलएलबी छात्र विनोद गोदारा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और उसके पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।
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