दिल्ली विस्फोट: लखनऊ के बाद सहारनपुर बना जांच का मुख्य केंद्र, एटीएस पूछताछ में जुटी

सहारनपुर अब जैश-ए-मोहम्मद के फरीदाबाद मॉड्यूल की जांच का नया केंद्र बन गया है। जांच एजेंसियों ने शहर में डेरा डालकर कश्मीर से जुड़े संदिग्धों की पहचान और उनकी गतिविधियों का पता लगाने का काम तेज कर दिया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने देवबंद से अल-फलाह यूनिवर्सिटी के मेडिकल छात्र अहमद रजा को हिरासत में लेने के बाद एटीएस और अन्य एजेंसियां अधिक सतर्क हो गई हैं। सहारनपुर में कश्मीर और अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े लोगों की सूची तैयार कर पूछताछ की जा रही है।
इस बीच, लखनऊ और कानपुर में भी मॉड्यूल से जुड़े डॉ. शाहीन और उनके भाई डॉ. परवेज के संपर्क में रहे डॉक्टरों और शिक्षण संस्थानों से जानकारी जुटाई जा रही है। एटीएस शाहीन और परवेज के सोशल मीडिया कनेक्शनों और उनके साथ जुड़े अन्य व्यक्तियों की भी निगरानी कर रही है। कानपुर, आगरा और लखनऊ के अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों में उनके साथ रहे डॉक्टरों और छात्रों से ब्योरा लिया जा रहा है। सहारनपुर में डॉ. आदिल और डॉ. परवेज के करीबी व्यक्तियों से भी पूछताछ की गई है। इस दौरान लगभग आधा दर्जन से अधिक वाहनों की भी जांच की जा रही है।
मदरसों की जांच में तेजी
एटीएस ने प्रदेश के मदरसों की जांच भी और तेज कर दी है। प्रतापगढ़, कौशांबी, फतेहपुर, बांदा, हमीरपुर, चित्रकूट और महोबा जिलों के अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को पत्र भेजकर मदरसों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं, मौलवियों और प्रबंधकों की पूरी जानकारी तलब की गई है। पिछले डेढ़ साल में प्रदेश में हजारों मदरसों के अवैध संचालन के प्रमाण भी एटीएस के हाथ लगे हैं।
जांच का यह विस्तार यह संकेत देता है कि एजेंसियां फरीदाबाद मॉड्यूल के नेटवर्क और उसकी गतिविधियों को हर स्तर पर ट्रैक करने के लिए व्यापक कदम उठा रही हैं।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.



















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.