बैंकॉक से डिपोर्ट किए गए गैंगस्टर हरसिमरन को दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार

नई दिल्ली: फर्जी पासपोर्ट बनवाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना आपराधिक नेटवर्क फैलाने की कोशिश कर रहे गैंगस्टर हरसिमरन उर्फ बादल उर्फ सिमरन (38) को बैंकॉक से डिपोर्ट कर दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शनिवार को इसकी जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार हरसिमरन, जो पहले शालीमार बाग का निवासी था, ने गोरखपुर के राजेश सिंह नाम से फर्जी पासपोर्ट बनवाया और जनवरी 2025 में यूरोप स्थित गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों की मदद से बैंकॉक भाग गया। इसके बाद वह दुबई गया और मानव तस्करों व ढिल्लों के सहयोगियों की मदद से अमेरिका और यूरोप में प्रवेश की कोशिश करता रहा। अजरबैजान, बेलारूस, लातविया और पोलैंड के रास्ते उसकी यूरोप यात्रा असफल रही और इन देशों ने उसे हिरासत में लेकर डिपोर्ट कर दिया।
भारतीय एजेंसियों के इनपुट और विदेश मंत्रालय की कार्रवाई के बाद उसका फर्जी पासपोर्ट रद्द कर दिया गया, जिससे भारत में प्रत्यर्पण संभव हुआ। दिल्ली पहुंचते ही उसे हवाईअड्डे पर गिरफ्तार कर लिया गया।
हरसिमरन के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और आर्म्स एक्ट के तहत 23 मामले दर्ज हैं, जिनमें उगाही, हत्या और हत्या के प्रयास शामिल हैं। वह शालीमार बाग थाने का घोषित ‘बैड कैरेक्टर’ है और दो मामलों में दोषसिद्ध भी हो चुका है।
पुलिस के अनुसार, भारत से फरार होने के बाद हरसिमरन ने एक मामले के गवाह को धमकाया और बयान बदलने के लिए 50 लाख रुपये की मांग की। इसके चलते इस साल मुकर्जी नगर थाने में उसके खिलाफ नई FIR दर्ज की गई। जमानत मिलने के बाद उसने कम से कम 14 मामलों की अदालत सुनवाई में उपस्थिति नहीं दी।
करियर की शुरुआत पहलवान के रूप में करने वाले हरसिमरन ने बाद में दिल्ली और महाराष्ट्र के गैंगस्टरों से संपर्क बनाकर अपराध की दुनिया में कदम रखा। बाद में वह ढिल्लों गिरोह में शामिल हुआ और अमेरिका व यूरोप में ऑपरेशन चलाने की योजना बनाने लगा।
साल 2010 में एक हत्या मामले में आरोपी महेंद्र सिंह की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस को हरसिमरन के बारे में अहम सुराग मिले। पूछताछ में महेंद्र ने बताया कि उसके पास से बरामद हथियार हरसिमरन ने ही उपलब्ध कराए थे। इसके बाद उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया और केंद्रीय एजेंसियों की मदद से उसकी तलाश शुरू हुई।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.