कांवड़ में एक तरफ गंगाजल, दूसरी ओर 90 साल की सास, बहू की भक्ति देख हर कोई रह गया हैरान

HIGHLIGHTS
- यात्रा के दौरान वह रोजाना करीब 10 से 15 किलोमीटर का सफर तय करती हैं।
- काजल पहले भी सास के साथ मथुरा की चौरासी कोसी परिक्रमा कर चुकी हैं।
- मोदीनगर पहुंचने पर लोगों ने पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया।
कांवड़ यात्रा में शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। भगवान शिव के जयकारों के साथ कांवड़िए लगातार शिवालयों की ओर बढ़ रहे हैं। इस धार्मिक यात्रा में भक्ति के साथ-साथ देशभक्ति, सामाजिक और पारिवारिक सद्भाव की तस्वीरें भी सामने आ रही हैं।
ऐसी ही एक तस्वीर शुक्रवार दोपहर देखने को मिली, जब दिल्ली के शाहदरा निवासी काजल चौधरी अपने पुत्रों के साथ अपनी 90 वर्षीय सास चंद्रो देवी को कांवड़ में बैठाकर यात्रा करती नजर आईं।
कांवड़ में एक ओर गंगाजल, दूसरी ओर सास
काजल चौधरी ने कांवड़ के एक तरफ गंगाजल के कलश रखे हैं, जबकि दूसरी तरफ उनकी सास चंद्रो देवी बैठी हुई हैं। इस अनोखे कांवड़ यात्रा को लेकर लोग उनकी सराहना कर रहे हैं।
सास-बहू के रिश्ते की पेश की मिसाल
काजल चौधरी ने बताया कि सास-ससुर भी माता-पिता के समान ही सम्मान के पात्र होते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सच्ची सेवा किसी तीर्थ धाम से कम नहीं है और यदि उनके साथ धार्मिक अनुष्ठान जुड़ जाए तो यह बहुत बड़ा पुण्य कार्य होता है।
रोजाना 10 से 15 किलोमीटर का सफर
काजल चौधरी ने बताया कि उन्होंने 19 जुलाई को गंगाजल के कलश और अपनी सास को साथ लेकर कांवड़ यात्रा शुरू की थी। वह प्रतिदिन करीब 10 से 15 किलोमीटर का सफर तय कर रही हैं।
पहले भी कर चुकी हैं चौरासी कोसी परिक्रमा
काजल चौधरी ने बताया कि वह अपनी सास चंद्रो देवी को सिर पर बैठाकर मथुरा की चौरासी कोसी परिक्रमा भी कर चुकी हैं।
शुक्रवार को मोदीनगर पहुंचने पर कई जगहों पर लोगों ने पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया।
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