गोंडा में शत्रु संपत्ति मामले में बड़ा आदेश, तत्कालीन SDM समेत 8 लोगों पर FIR के निर्देश

HIGHLIGHTS
- मामला तरबगंज क्षेत्र के गोहनी गांव की 0.138 हेक्टेयर भूमि से जुड़ा है।
- शिकायतकर्ताओं ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर मामले की जानकारी दी थी।
- आरोप है कि चकबंदी के दौरान अभिलेखों में बदलाव कर जमीन दर्ज की गई।
उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में तरबगंज क्षेत्र के गोहनी गांव में शत्रु संपत्ति को कथित रूप से निजी लोगों के नाम दर्ज करने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) अमित सिंह ने तत्कालीन एसडीएम समेत आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है।
न्यायालय ने पुलिस को मामला दर्ज कर 10 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। संबंधित तत्कालीन एसडीएम वर्तमान में सिद्धार्थनगर में तैनात हैं।
न्यायालय में दाखिल की गई थी शिकायत
गोहनी गांव निवासी अजय पांडेय और राजू सिंह ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर मामले की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि 0.138 हेक्टेयर भूमि मूल रूप से ऐसे परिवार के नाम दर्ज थी, जो वर्ष 1945 से पहले पाकिस्तान चला गया था।
प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया कि यह भूमि शत्रु संपत्ति के रूप में दर्ज होनी चाहिए थी, लेकिन चकबंदी प्रक्रिया के दौरान अभिलेखों में हेराफेरी कर इसे निजी लोगों के नाम दर्ज करा दिया गया।
जमीन बिक्री और निर्माण का लगाया आरोप
शिकायत में बताया गया कि बाद में इस भूमि की बिक्री कर दी गई और उस पर निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया गया।
मामले की सुनवाई के बाद सीजेएम अमित सिंह ने तत्कालीन एसडीएम विश्वमित्र सिंह, तत्कालीन राजस्व निरीक्षक, तत्कालीन हल्का लेखपाल समेत स्वामीनाथ, ओमप्रकाश, रामदयाल, राजेश कुमार और गीता देवी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया।
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