'पीट देगा अहीर, पीट देगा अल्पसंख्यक', ओमप्रकाश राजभर ने सपा के PDA पर साधा निशाना

HIGHLIGHTS
- गोविंद साहब में सीएम योगी के कार्यक्रम के दौरान प्रभारी मंत्री ने बयान दिया।
- राजभर ने सपा नेताओं के पेपर लीक आरोपों पर पलटवार किया।
- उन्होंने सरकार की भर्ती प्रक्रिया को लेकर अपना पक्ष रखा।
उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर स्थित गोविंद साहब में शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम के दौरान प्रभारी मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के पीडीए समीकरण को लेकर निशाना साधा। उन्होंने सपा के राजनीतिक नारे पर तंज कसते हुए कहा कि पीट देगा अहीर, पीट देगा अल्पसंख्यक। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा जिस पीडीए की बात करती है, उसमें परिवारवाद हावी है।
प्रभारी मंत्री ने सपा नेताओं की ओर से पेपर लीक को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सपा नेता दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश तक पेपर लीक की बात कर रहे हैं, जबकि उनकी सरकार के समय परीक्षाओं में नकल का माहौल था।
सपा सरकार पर लगाए आरोप
ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि सपा सरकार के समय प्रश्नपत्र खरीदकर खेतों में बैठकर परीक्षा देने और पेपर लेकर घर चले जाने जैसी बातें सामने आती थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में परीक्षा व्यवस्था में काफी अनियमितताएं थीं।
उन्होंने कहा कि सपा सरकार के दौरान पार्टी के नेता गांव-गांव जाकर नौकरियां बेचने का काम करते थे, लेकिन अब वही लोग भर्ती प्रक्रिया और पेपर लीक को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
बिना रिश्वत के नौकरियां देने का किया दावा
राजभर ने मौजूदा सरकार की भर्ती प्रक्रिया का जिक्र करते हुए दावा किया कि बिना रिश्वत लिए करीब 09 लाख सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
उन्होंने सपा सरकार की कानून व्यवस्था पर भी निशाना साधा। राजभर ने दावा किया कि सपा सरकार के पांच साल के कार्यकाल में प्रदेश में करीब एक हजार दंगे हुए, जबकि योगी सरकार के 09 साल में एक भी दंगा नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि सपा सरकार के समय असलहे लहराने वाले अपराधियों पर अब कार्रवाई की गई है। कई अपराधी जेल में हैं और बाकी अपराधियों के खिलाफ भी कार्रवाई हुई है।
रोजगार और कानून व्यवस्था को बताया प्राथमिकता
प्रभारी मंत्री ने सपा को परिवारवादी पार्टी बताते हुए कहा कि पार्टी पिछड़ों के अधिकारों की बात करती है, लेकिन पिछड़ों के हितों को प्रभावित करती रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में विकास के साथ-साथ रोजगार और कानून व्यवस्था पर भी काम किया गया है।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोविंद साहब पहुंचने को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताया। राजभर ने कहा कि अब तक कोई मुख्यमंत्री यहां नहीं आया था और योगी आदित्यनाथ के आगमन से गोविंद साहब के इतिहास में नया अध्याय जुड़ा है।
एमएलसी ने मुख्यमंत्री के सामने रखीं विकास की मांगें
इससे पहले एमएलसी डॉ. हरिओम पांडेय ने जिले के विकास से जुड़े कई मुद्दे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने रखे। उन्होंने गोविंद साहब स्थल पर कॉरिडोर निर्माण की मांग प्रमुखता से उठाई।
इसके अलावा आलापुर तहसील मुख्यालय पर 100 शैय्या का राजकीय चिकित्सालय बनाने और रामनगर को नगर पंचायत का दर्जा देने की मांग रखी गई।
एमएलसी ने जलालपुर शहर में जाम की समस्या को देखते हुए बाईपास निर्माण और शहर में बस अड्डा स्थापित करने की मांग भी की। उन्होंने नार्थ-साउथ कॉरिडोर के तहत प्रस्तावित टांडा-बरियावन-सुल्तानगढ़-पट्टी सुरहुरपुर मार्ग को फोरलेन करने का प्रस्ताव रखा।
इसके साथ ही जलालपुर में राजकीय महाविद्यालय की स्थापना और टांडा विधानसभा क्षेत्र में टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने की मांग भी उठाई गई। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा, यातायात और रोजगार से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार हो सकता है।
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